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भारत का वांछित आतंकी अब्दुल रऊफ अजहर पर चीन का बचाव, अमेरिका पहले ही कर चुका है ब्लैकलिस्ट

अब्दुल रऊफ अजहर, जो भारत के सबसे वांछित आतंकियों में शामिल है और जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर का भाई है. संयुक्त राष्ट्र में वैश्विक आतंकी घोषित करने के भारत के प्रयासों को चीन ने बार-बार रोका. अमेरिका ने उसे 2010 में ब्लैकलिस्ट किया था. रऊफ भारत में कई बड़े आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड रहा है.

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अब्दुल रऊफ अजहर, भारत का वांछित आतंकी और आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) का सीनियर कमांडर है. वह पाकिस्तान में 1974 में जन्मा और भारत के खिलाफ कई बड़े आतंकी हमलों की साजिशों में शामिल रहा है.

रऊफ, जैश प्रमुख मसूद अजहर का भाई है और 1999 में इंडियन एयरलाइंस के विमान IC814 के अपहरण, 2001 में भारतीय संसद पर हमले और 2016 में पठानकोट एयरफोर्स बेस पर आतंकी हमले जैसे गंभीर मामलों में उसकी भूमिका रही है.

अब्दुल रऊफ अजहर बड़े आतंकी हमलों की साजिशों में शामिल

अमेरिका ने दिसंबर 2010 में अब्दुल रऊफ को वैश्विक आतंकी घोषित कर दिया था. अमेरिकी वित्त विभाग ने उसे जैश-ए-मोहम्मद के लिए काम करने वाला वरिष्ठ नेता बताया था.

अमेरिका के अनुसार, रऊफ ने पाकिस्तानियों को आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के लिए उकसाया और भारत में आत्मघाती हमलों की योजना बनाई. रऊफ जैश की खुफिया गतिविधियों और ट्रेनिंग कैंप से भी जुड़ा रहा है.

हालांकि, जब भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उसे वैश्विक आतंकी घोषित करने का प्रस्ताव रखा, तो चीन ने बार-बार उसमें अड़ंगा डाला. अगस्त 2022 और मई 2023 में चीन ने भारत और अमेरिका के संयुक्त प्रस्ताव पर वीटो लगा दिया.

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चीन ने भारत और अमेरिका के संयुक्त प्रस्ताव पर वीटो लगाया

चीन की इस भूमिका से भारत ने चिंता जताई है, क्योंकि एक घोषित आतंकी को अंतरराष्ट्रीय मंच पर संरक्षण मिलना आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई को कमजोर करता है.

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