केंद्रीय जल संसाधन मंत्री पवन कुमार बंसल को लिखे एक पत्र के कारण बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी महाराष्ट्र के सिंचाई घोटाले में उलझते जा रहे हैं. मीडिया में सार्वजनिक हुए एक पत्र से पता चलता है कि गडकरी ने गोसीखुर्द सिंचाई परियोजना के ठेकेदारों को 400 करोड़ रुपए जारी करने की सिफारिश की थी.
बंसल ने भी इस पत्र की पुष्टि करते हुए कहा कि गडकरी ने इस तरह के और भी पत्र उन्हें लिखे थे. मीडिया के सवालों के जवाब में बंसल ने कहा कि गडकरी के मुताबिक क्षेत्र के लिए यह परियोजना बेहद जरूरी है. चूंकि यह पत्र भाजपा अध्यक्ष ने लिखा था इसलिए मैंने उस पर वीआईपी लिखकर अफसरों को जरूरी कार्रवाई के लिए भेज दिया था.
मुंबई में पत्रकारों से गडकरी ने कहा कि हां, मैंने बंसल को पत्र लिखा. जरूरत पड़ी दस और लिखूंगा. मैंने विदर्भ के किसानों के हितों में इसे लिखा था.
घोटाला दबाने का भी आरोप इससे पहले महाराष्ट्र की सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने गडकरी पर सिंचाई घोटाला दबाने का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था किये बीजेपी अध्यक्ष से यह मामला उजागर करने में मदद मांगी लेकिन उन्होंने मना कर दिया. यह कहते हुए कि शरद पवार से उनके निजी संबंध हैं. गौरतलब है कि 60 हजार करोड़ के इस घोटाले में पवार के भतीजे अजित को राज्य के उप-मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा है.
वहीं दूसरी ओर गडकरी की ओर से लिखे गए विवादास्पद पत्र मामले का बचाव करते हुए पार्टी ने दलील दी कि उन्होंने ऐसा अपने किसी नज़दीकी को मदद पंहुचाने के लिए नहीं, बल्कि किसानों के फायदे को ध्यान में रख कर किया था.