भारत और पाकिस्तान ने सरक्रीक के मामले में अनौपचारिक कागजात का आदान प्रदान करने का निर्णय किया है. यह कदम दशकों पुराने सीमा विवाद का परस्पर स्वीकार्य हल निकालने के प्रयासों के तहत उठाया जायेगा और इस मामले में दोनों देशों ने फिर मिलने पर सहमति जतायी है.
अनौपचारिक कागजात विभिन्न देशों के बीच अनौपचारिक रूप से वितरित किये जाते है ताकि विषयवस्तु के बारे में कोई भी प्रतिबद्धता जताये बिना राजनयिक स्तर पर बातचीत की जा सके. भारत और पाकिस्तान के बीच अनौपचारिक कागजात का आदान प्रदान किया गया. दोनों देशों के बीच चार साल में सरक्रीक मुद्दे पर पहले दौर की वार्ता हुई.
दो दिवसीय वार्ता के बाद जारी एक साझा बयान में कहा गया कि दोनों पक्षों ने अनौपचारिक कागजात का आदान प्रदान किया ताकि आपसी विचार विमर्श को आगे बढ़ाया जा सके और मुद्दे पर परस्पर स्वीकार्य हल निकाला जा सके. वे आपसी सहमति वाली तारीख पर फिर मिलने को तैयार हैं.
बयान में कहा गया कि बातचीत मित्रतापूर्ण और सौहाद्र्रपूर्ण माहौल में हुई. वार्ता सरक्रीक क्षेत्र में भारत पाकिस्तान भूमि सीमा और अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा के सीमांकन पर केन्द्रित थी.