पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन की कार्रवाई जारी है. 27 अक्टूबर 2026 तक की सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक, राज्यभर में पराली जलाने की 717 घटनाएं रिपोर्ट की गई हैं. इनमें सबसे ज्यादा 318 घटनाएं तरनतारन जिले में दर्ज हुई हैं, जबकि अमृतसर 154 घटनाओं के साथ दूसरे स्थान पर है.
सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब में दर्ज 717 घटनाओं में से 664 मामलों में खेतों का निरीक्षण किया गया. इस दौरान 313 स्थानों पर पराली जलाने की पुष्टि हुई.
जुर्माने की कार्रवाई पर नजर डालें तो राज्यभर में 299 मामलों में पर्यावरणीय मुआवजा लगाया गया है. कुल 14 लाख 95 हजार रुपये का जुर्माना निर्धारित किया गया, जबकि इसमें से 6 लाख 50 हजार रुपये की वसूली की जा चुकी है.
रिपोर्ट में कुल 129 FIR दर्ज होने का भी उल्लेख है. इसके अलावा 256 मामलों में खेतों के रिकॉर्ड में रेड एंट्री की गई है और 368 चेतावनी नोटिस जारी किए गए हैं.
जिलेवार आंकड़ों में तरनतारन सबसे आगे है. यहां पराली जलाने की 318 घटनाएं रिपोर्ट हुईं और 152 स्थानों पर पराली जलाने की पुष्टि हुई. जिले में 7 लाख 80 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया, जिसमें से 2 लाख 65 हजार रुपये की वसूली हुई. यहां 64 FIR दर्ज की गई हैं.
वहीं, अमृतसर में 154 घटनाएं रिपोर्ट हुईं. यहां 75 स्थानों पर पराली जलाने की पुष्टि हुई, 3 लाख 35 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया और 2 लाख 85 हजार रुपये की वसूली हुई. अमृतसर में 24 FIR दर्ज की गई हैं.
गुरदासपुर में 47, कपूरथला में 46 और फिरोजपुर में 42 घटनाएं रिपोर्ट की गईं. पटियाला जिले में 13 घटनाएं दर्ज हुईं, जिनमें 6 स्थानों पर पराली जलाने की पुष्टि हुई. यहां 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया और 15 हजार रुपये की वसूली की गई. पटियाला में 3 FIR दर्ज की गई हैं.
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि रिपोर्ट में तरनतारन और अमृतसर में पराली जलाने की घटनाओं का बड़ा हिस्सा दर्ज किया गया है. हालांकि, ये आंकड़े 27 अक्टूबर तक के संचयी आंकड़े हैं, न कि केवल पिछले 24 घंटे के. पिछले 24 घंटे में कितनी नई घटनाएं हुईं, इसका अलग विवरण इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है.