तमिलनाडु की राजनीति में एक नया मोड़ सामने आया है. थलपति विजय की शपथ को लेकर चल रहे सस्पेंस के बीच एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने राजनीतिक माहौल को और जटिल बना दिया है. मन्नारगुड़ी से चुनाव जीतने वाले AMMK विधायक एस. कामराज लापता बताए जा रहे हैं.
इस घटना के बाद अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम (AMMK) के प्रमुख टीटीवी दिनाकरण ने राज्यपाल से शिकायत की है. उनका आरोप है कि उनके विधायक के साथ खरीद-फरोख्त की कोशिश हुई है और इसमें थलपति विजय की पार्टी TVK का नाम सामने आ रहा है. वहीं, इस राजनीतिक उठापटक के बीच खबर है कि तमिलनाडु कांग्रेस के 4 विधायक भी बेंगलुरु पहुंच गए हैं.
बताया जा रहा है कि कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार खुद उनकी कमान संभाल रहे हैं. ये विधायक पहले हैदराबाद पहुंचे थे, लेकिन वे एयरपोर्ट टर्मिनल से बाहर नहीं निकले और वहीं से सीधे बेंगलुरु के लिए उड़ान भर ली. विधायकों की इस गुपचुप आवाजाही ने राज्य में 'रिजॉर्ट पॉलिटिक्स' की सुगबुगाहट तेज कर दी है.
दिनाकरण ने विजय पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वे पैसों के दम पर विधायकों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विजय खुद को 'thooya sakthi' यानी ‘दाग-रहित छवि’ नेता बताते हैं, लेकिन उनके मुताबिक यह ठीक नहीं है. इस बयान के बाद तमिलनाडु की राजनीति में तनाव बढ़ गया है, क्योंकि एक तरफ विजय सरकार बनाने का दावा कर रहे हैं और दूसरी तरफ उन पर विधायकों को लेकर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं.
लापता विधायक के चक्कर में फंसा पेंच
अब विजय की शपथ को लेकर सस्पेंस गहरा गया है. दरअसल, विजय ने राज्यपाल को 116 विधायकों के समर्थन की बात कही थी और दावा किया था कि बाकी साइन भी जल्द मिल जाएंगे. लेकिन अब गायब हुए विधायक और बाकी हस्ताक्षरों का इंतजार है, जिसके बिना शपथ ग्रहण की तारीख का ऐलान नहीं हो पा रहा है. सूत्रों के मुताबिक, VCK जैसी पार्टियों ने समर्थन के बदले डिप्टी सीएम पद की मांग रखकर समीकरण को और उलझा दिया है. दूसरी तरफ, IUML ने साफ कह दिया है कि वे एमके स्टालिन के साथ हैं.

इस पूरे घटनाक्रम के बीच राज्य में नई सरकार के गठन के समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं. टीटीवी दिनाकरण ने एआईएडीएमके (AIADMK) के नेता एडापड्डी के. पलानीस्वामी (EPS) को अपना समर्थन देते हुए राज्यपाल को पत्र भेजा है. इस पत्र में उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि वे पलानीस्वामी को मुख्यमंत्री बनाए जाने के पक्ष में हैं. मन्नारगुड़ी सीट से नवनिर्वाचित विधायक एस. कामराज का भी इस समर्थन पत्र में उल्लेख किया गया है. राज्यपाल को भेजे गए पत्र में आग्रह किया गया है कि पलानीस्वामी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया जाए और उन्हें मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई जाए.
राजनीतिक हलकों में इस पत्र को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं. लंबे समय से अलग चल रहे टीटीवी दिनाकरण का पलानीस्वामी के साथ आना एक अहम राजनीतिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है. पत्र में यह भी कहा गया है कि उनके विधायक एस. कामराज पलानीस्वामी के नेतृत्व में सरकार गठन के दावे का समर्थन करते हैं. अब सभी की नजरें राज्यपाल के फैसले पर टिकी हैं कि इस नए घटनाक्रम के बाद आगे क्या कदम उठाया जाता है.