तमिलनाडु में 4 मई के बाद से ही सरकार बनाने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन अबतक कामयाबी नहीं मिल सकती है. TVK चीफ विजय कई दलों से समर्थन के लिए बातचीत कर रहे हैं लेकिन अभी तक वे बहुमत के जादुई आंकड़े का जुगाड़ नहीं कर पाए हैं. इस बीच राज्य की राजनीति में अहम बन चुकी छोटी पार्टी VCK ने विजय को घमंडी कहा है और कहा है कि निजी रूप से मिलकर समर्थन मांगने के बजाय वे व्हाट्सएप पर मैसेज करके सपोर्ट मांग रहे हैं.
विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कड़गम (TVK) को 108 सीटें मिली हैं, लेकिन वे दो सीटों त्रिची ईस्ट या पेरम्बूर से जीते हैं, इस तरह से उन्हें एक सीट छोड़ना होगा. तो यह संख्या घटकर 107 रह जाती है और बहुमत का बेंचमार्क 118 है. कांग्रेस ने अपने 5 विधायकों का समर्थन TVK को देने का ऐलान किया है, लेकिन इससे उनका आंकड़ा पूरा नहीं हो पा रहा है.
इस बीच चर्चा ये भी थी कि विजय VCK से भी सपोर्ट मांग सकते हैं, लेकिन अब VCK ने TVK चीफ विजय के रवैये पर तीखी नाराजगी जताई है.
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में VCK ने दो सीटें जीती हैं. हालांकि राज्य के राजनीतिक समीकरण को देखते हुए यहां एक एक विधायकों का समीकरण जरूरी हो गया है.
X पर एक पोस्ट में VCK के महासचिव सिंथनाई सेल्वन ने कहा, “ऐसी स्थिति में जब उन्हें सरकार बनाने के लिए स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है, विजय को अत्यंत सावधानी से काम करना चाहिए था. क्या उन्हें उन पार्टियों के नेताओं से तुरंत आमने-सामने मिलकर बात नहीं करनी चाहिए थी जिनका समर्थन वे चाह रहे थे?”
VCK के महासचिव सिंथनाई सेल्वन ने प्रश्न किया, "क्या उन्हें खुलकर इस बात पर चर्चा नहीं करनी चाहिए थी कि दूसरे दर्जे के नेताओं के प्रभाव में आने से बचना कितना जरूरी है और यह भी कि राज्यपाल के ज़रिए BJP को तमिलनाडु में घुसने से रोकना कितना अहम है? हम इस बात को कैसे समझें कि कोई WhatsApp मैसेज के ज़रिए समर्थन मांग रहा है और हमसे बस जवाब देने को कह रहा है?"
अपनी पोस्ट में आगे VCK के जनरल सेक्रेटरी ने TVK लीडरशिप के कुछ हिस्सों पर चुनाव नतीजों के बाद घमंड दिखाने का भी आरोप लगाया और गठबंधन बनाने के लिए जरूरी सुलह वाला तरीका अपनाने के बजाय DMK को नीचा दिखाने वाले और “बदले के लहजे” में बोलने वाले बयानों की आलोचना की.
उन्होंने TVK की “वंशवाद की राजनीति” की आलोचना का भी मज़ाक उड़ाया और कांग्रेस के साथ जुड़ी पार्टियों से एक ही समय में समर्थन मांगने में विरोधाभास की ओर इशारा किया.
उन्होंने पूछा, “DMK को राजशाही की राजनीति कहना और फिर बिना किसी हिचकिचाहट के उसी के सहयोगियों से समर्थन मांगने का क्या लॉजिक है?”
VCK नेता ने TVK पदाधिकारियों द्वारा कथित तौर पर की गई उन टिप्पणियों पर भी कड़ा विरोध जताया जिनमें दावा किया गया था कि VCK कार्यकर्ता पार्टी के भीतर "स्लीपर सेल" के तौर पर काम कर रहे हैं.
उन्होंने कहा, "VCK में थिरुमा समेत सिर्फ़ 20 लोग हैं. बाकी सब हमारे ही लोग हैं उन्हें 'स्लीपर सेल' कहना किस तरह की राजनीतिक नैतिकता है?"
सेल्वन ने आगे आरोप लगाया कि TVK के कुछ नेता विजय की लोकप्रियता और स्टार इमेज का इस्तेमाल DMK के खिलाफ अपनी निजी राजनीतिक रंजिशें निकालने के लिए कर रहे हैं, जबकि अभिनेता से राजनेता बने विजय को राजनीतिक रूप से अलग-थलग रखा जा रहा है.
उन्होंने चुनाव के बाद TVK के अपने विधायकों को रिसॉर्ट्स में भेजने के फैसले की भी आलोचना की और कहा कि इससे तमिलनाडु में "रिसॉर्ट पॉलिटिक्स" फिर से शुरू हो गई है.
एक बड़े संवैधानिक संकट की चेतावनी देते हुए सेल्वन ने आरोप लगाया कि BJP राज्य में राज्यपाल शासन लागू करवाने की कोशिश कर रही है, और उन्होंने तमिलनाडु के लोगों से अपील की कि वे ऐसे किसी भी कदम के प्रति सतर्क रहें जो लोकतांत्रिक नियमों की अनदेखी करता हो.