लोकसभा के मानसून सत्र से पहले स्पीकर ओम बिरला ने बड़ा फैसला लिया है. TMC छोड़ने वाले 20 बागी सांसदों के लिए अलग सीटों का इंतजाम किया गया है. इसके चलते लोकसभा में कई अन्य सांसदों की सीटें भी बदल दी गई हैं. नए सीट नंबरों का इस्तेमाल अब मानसून सत्र से होगा.
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, लोकसभा सचिवालय के मुताबिक, 20 बागी TMC सांसदों को अलग बैठाने के लिए सीटिंग प्लान में बदलाव किया गया है. इस फैसले के बाद कुल 39 सांसदों की सीटें बदली गई हैं. अधिकारियों का कहना है कि बागी सांसदों को एक साथ अलग जगह देने के लिए दूसरे सांसदों की सीटें भी बदलनी पड़ीं.

अभिषेक बनर्जी समेत कई सांसदों की सीट बदली
इस बदलाव का असर कई नेताओं पर पड़ा है. लोकसभा में TMC के नेता अभिषेक बनर्जी की सीट भी बदल दी गई है. इसके अलावा, वाईएसआर कांग्रेस के पी. वी. मिधुन रेड्डी और शिरोमणि अकाली दल की हरसिमरत कौर बादल को भी नई सीट अलॉट की गई है. सुदीप बंदोपाध्याय की सीट भी बदलकर 354 कर दी गई है. पहले उनकी सीट संख्या 280 थी.
क्या होता है डिवीजन नंबर?
लोकसभा और राज्यसभा के हर सांसद को एक तय डिवीजन नंबर दिया जाता है. इसी नंबर के आधार पर सदन में सीट तय होती है. बिल पर वोटिंग के समय, दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने समेत संसदीय कामकाज में भी इसी नंबर का इस्तेमाल किया जाता है. सोमवार से शुरू हो रहे मानसून सत्र में सांसद अपने नए डिवीजन नंबर और नई सीट के साथ सदन में बैठेंगे.
शनिवार को स्पीकर ओम बिरला ने दो अहम फैसलों को मंजूरी दी थी. पहला, शिवसेना (UBT) के छह सांसदों के एकनाथ शिंदे की शिवसेना में विलय को मंजूरी दी गई. दूसरा, TMC के 20 बागी सांसदों को अलग बैठने की अनुमति दी गई. ये सभी सांसद अब नेशनल सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के साथ जुड़े हुए हैं.