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RS Election: 15 राज्यों की 57 राज्यसभा सीटों पर 10 जून को होंगे चुनाव

31 मार्च को इससे पहले छह राज्यों की 13 राज्यसभा सीटों पर चुनाव हुए थे. इनमें से 10 सीटों पर पहले ही सांसदों का निर्विरोध निर्वाचन हो चुका था. 13 सीटों में से पांच आम आदमी पार्टी, चार भाजपा और एक यूपीपीएल, दो लेफ्ट और एक कांग्रेस के खाते में गई.

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मतगणना 10 जून को शाम 5 बजे से शुरू होगी (फाइल फोटो) मतगणना 10 जून को शाम 5 बजे से शुरू होगी (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • चुनाव आयोग ने तारीखों को किया ऐलान
  • 10 जून को शाम 5 बजे से काउंटिंग भी होगी
  • 31 मार्च को 13 सीटों के लिए हुए थे चुनाव

15 राज्यों की खाली 57 राज्यसभा सीटों पर चुनाव तारीखों को ऐलान कर दिया गया है. इन सीटों पर अब 10 जून को मतदान होगा. चुनाव आयोग के मुताबिक 21.06.2022 से 01.08.2022 के बीच कई सदस्यों का कार्यकाल पूरा हो रहा है. इसके बाद ये सीटें खाली हो जाएंगी. इससे पहले 31 मार्च को छह राज्यों की 13 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव हुए थे. असम (2 सीट), हिमाचल प्रदेश (1), केरल (3), नागालैंड (01), त्रिपुरा (01), पंजाब (5) में ये चुनाव हुए थे.

31 मई तक कर सकेंगे नामांकन

चुनाव आयोग की सूचना के मुताबिक चुनाव की अधिसूचना 24 मई को जारी होगी. उम्मीदवार 31 मई तक नामांकन कर सकेंगे. इसके बाद 1 जून को नामांकनों की जांच की जाएगी. उम्मीदवार 3 जून तक अपना नामांकन वापस ले सकेंगे. 10 जून को मतदान होंगे. मतदान सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगा. मतगणना भी उसी दिन शाम 5 बजे शुरू हो जाएगी.

इन बड़े चेहरों का भी खत्म हो रहा कार्यकाल

जिन 57 सदस्यों का कार्यकाल पूरा हो रहा है, उनमें मुख्तार अब्बास नकवी, गोपाल नारायण सिंह, मीसा भारती, शरद यादव (निधन के बाद रिक्त), रेवती रमन सिंह, सुखराम सिंह, कपिल सिब्बल, सतीश चंद्र मिश्रा, संजय सेठ, सुरेंद्र सिंह नागर, अम्बिका सोनी, पी चिदंबरम, प्रफुल्ल पटेल, संजय राउत, पीयूष गोयल, जयराम रमेश, ऑस्कर फर्नांडीस (निधन के बाद रिक्त), निर्मला सीतारमण के नाम प्रमुख हैं.

इन राज्यों में खाली पर हो रही हैं सीटें

हरियाणा, उत्तर प्रदेश, झारखंड, बिहार, उत्तराखंड, राजस्थान, पंजाब, महाराष्ट्र, ओडिशा, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश की रिक्त सीटों पर चुनाव होने हैं.

हर दो साल में एक तिहाई सीटों होती हैं खाली

संविधान के मुताबिक, राज्यसभा में सदस्यों की अधिकतम संख्या 250 निर्धारित की गई है, जिसमे 238 सदस्यों के लिए चुनाव का प्रावधान है जबकि 12 सदस्य राष्ट्रपति नॉमिनेट करते हैं, हर दो साल में से एक तिहाई सदस्यों का कार्यकाल खत्म भी होता है, जिसके बाद उनकी सीटों के लिए चुनाव होता है, इसका मतलब है कि प्रत्येक दो साल पर राज्यसभा के एक तिहाई सदस्य बदलते हैं न कि यह सदन भंग होता है. यानी राज्यसभा हमेशा बनी रहती है.

अलग होती है चुनाव प्रक्रिया

राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया लोकसभा और विधानसभा चुनाव से अलग है क्योंकि उसके सदस्य का कार्यकाल 6 साल का होता है. लोकसभा चुनाव में आम आदमी वोट करते हैं लेकिन राज्यसभा चुनाव के लिए आम आदमी वोट नहीं कर सकता है, इसके लिए जनता द्वारा चुने गए जन प्रतिनिधि यानी विधायक ही इस चुनाव में हिस्सा लेते हैं.

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