समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बार फिर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए इस पार्टी को भाजपा की बी-टीम कहा. अखिलेश ने कहा कि कांग्रेस नहीं चाहती है कि समाजवादी उनकी सहयोगी बने. आज कांग्रेस आम आदमी पार्टी के खिलाफ भी बोल रही है. अखिलेश ने कहा कि कांग्रेस के पास मौका था कि छोटे दलों को साथ लेकर चलें, क्योंकि वो सोचते हैं कि जनता उनके साथ है, लेकिन PDA इसबार उनको जवाब देगा.
अखिलेश ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए यह भी कहा कि यही पार्टी BJP की टीम-B है. इससे पहले बीते दिन रविवार को मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ में जतारा विधानसभा सीट पर अखिलेश यादव ने एक रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा था. इस दौरान उन्होंने कांग्रेस और बीजेपी पर जमकर निशाना साधा.
कांग्रेस और BJP दोनों पर बरस रहे अखिलेश
अखिलेश ने कहा कि कांग्रेस और बीजेपी अब PDA-पिछ़़ड़े, दलित और आदिवासी वर्ग को लुभाने के लिए जाति जनगणना और आरक्षण के बारे में बात कर रहे हैं, लेकिन यह कांग्रेस ही थी, जिसने जाति जनगणना को रोक दिया और मंडल आयोग की रिपोर्ट को लागू करने से इनकार कर दिया था. अखिलेश ने कहा कि बीजेपी भी वही रास्ता अपना रही है.
जाति जनगणना के चलते कांग्रेस और भाजपा दोनों पर हमला
बीते दिन ही अखिलेश यादव ने कहा कि कांग्रेस और भाजपा जाति जनगणना, आरक्षण के बारे में बात कर रहे हैं. जैसे-जैसे चुनाव करीब आते हैं, दोनों दलों को PDA की ताकत का अहसास होता है. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी जाति जनगणना, अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण और महिलाओं के लिए मप्र सरकार की लाडली बहना योजना से बेहतर योजना के पक्ष में है, क्योंकि सहायता प्रति माह 3000 रुपये होगी.
अखिलेश ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए दावा किया कि अग्निवीर योजना के तहत सशस्त्र बलों में भर्ती होने वालों को शहीद का दर्जा या वित्तीय सहायता नहीं मिलेगी. उन्होंने कहा कि मप्र में महिलाओं पर अत्याचार सबसे ज्यादा है, जबकि दलितों और आदिवासियों की स्थिति भी गंभीर है. सपा प्रमुख ने कहा कि लोगों को उस प्रलोभन के बारे में पता नहीं है, जो मार्च 2020 में कमलनाथ सरकार के पतन और शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में भाजपा सरकार की वापसी का कारण बना.
पहले भी कांग्रेस पर निशाना साध चुके हैं अखिलेश
बता दें कि 2024 चुनावों को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस दोनों एक ही गठबंधन में हैं. इस इंडिया गठबंधन में होने के बाबजूद भी अखिलेश और कांग्रेस आए दिन एक दूसरे पर निशाना साधते रहते हैं. अखिलेश इससे पहले भी कमलनाथ और पूरी कांग्रेस को लेकर बयान दे चुके हैं. गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में 17 नवंबर को विधानसभा चुनाव होने हैं.