दिल्ली में एक ही दिन दो अलग-अलग मॉक संसद का आयोजन किया जाएगा लेकिन दोनों के सियासी संदेश और मुद्दे पूरी तरह अलग हैं. एक तरफ कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के नेतृत्व में मॉक संसद बुलाई गई है, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य संवैधानिक संस्थाओं के कामकाज पर सवाल उठाए जा रहे हैं. विपक्ष का आरोप है कि उन्हें असली संसद में अपनी बात रखने का पूरा अवसर नहीं दिया जाता, इसलिए वे सांकेतिक रूप से आवाज उठा रहे हैं.