प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की पर्यावरण सुरक्षा और क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में हुई असाधारण प्रगति को रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि विकासशील देशों पर कार्बन उत्सर्जन की जिम्मेदारी डालना पूरी तरह गलत है, क्योंकि भारत में प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन वैश्विक औसत के आधे से भी कम है. पीएम ने साथ ही कहा, विकसित देशों में भारत की तुलना में छह गुना अधिक उत्सर्जन होता है. भारत जी-20 का इकलौता ऐसा देश है जिसने पेरिस जलवायु समझौते में किए गए अपने सभी वादों को समय से पहले पूरा करके दिखाया है.