मेरठ जेल में सजा-ए-मौत का फैसला सुनते ही दोषी रविता और अमरदीप फूट-फूटकर रो पड़े. 48 घंटे में चार कैदियों को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद जेल में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. रविता को कैदी नंबर 399 और अमरदीप को 400 अलॉट किया गया है. रात भर दोनों जागे रहे और तनाव के कारण रविता की तबीयत बिगड़ने पर उसे बुखार की दवा दी गई. जेल प्रशासन लीगल सर्विस अथॉरिटी के जरिए हाईकोर्ट में अपील की तैयारी कर रहा है.