महिला आरक्षण बिल के लोकसभा में पारित न हो पाने के बाद सरकार और विपक्ष के बीच तनाव बढ़ गया है. केंद्र सरकार इस बिल के पारित न होने का जिम्मेदार विपक्ष को ठहरा रही है. इसी सिलसिले में बीजेपी नेता स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने प्रियंका गांधी वाड्रा को निशाने पर लेते हुए कांग्रेस के इरादों पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
आजतक को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में स्मृति ईरानी ने सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस नहीं चाहती कि आम घरों की महिलाएं राजनीति में आगे बढ़ें.
स्मृति ईरानी ने कहा, यही प्रियंका गांधी मेज थप थापा रही थीं जब बिल गिर रहा था. यही प्रियंका गांधी मुस्कुरा रही थीं कल. ये सिर्फ चाहते हैं की इनके परिवार की महिला आएं पॉलिटिक्स में, बाकी महिलाएं न आए.
स्मृति ईरानी ने कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर भी हैरानी जताई और कहा कि जिस विपक्ष ने कल गृह मंत्री अमित शाह के उस प्रस्ताव को नहीं माना जिसमें उन्होंने एक घंटे में नया बिल लाने की बात कही थी, वो आज किस हक से बोल रहे हैं.
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उन्होंने कहा, गृह मंत्री ने कल बोला था ना आप आइए सामने में 1 घंटे में नया बिल लाता हूं, लेकिन माने नहीं न. कल सब ने देख लिया, सिर्फ महिला नहीं युवा भी अब कांग्रेस और विपक्ष को जवाब देगा. आने दीजिए चुनाव, दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा.
विपक्ष के बीजेपी को 'महिला विरोधी' बताए जाने के आरोपों पर स्मृति ईरानी ने कड़ा पलटवार किया. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के पिछले वर्षों के काम महिला सशक्तिकरण का सबसे बड़ा सबूत हैं. उन्होंने गिनाया कि सरकार ने 11 करोड़ महिलाओं के लिए शौचालय बनाए.
स्मृति ईरानी ने कहा, 25 करोड़ महिलाओं के जनधन बैंक खाते खोले गए. 30 करोड़ से ज्यादा मुद्रा लोन महिला उद्यमियों को दिए गए, 10 करोड़ से ज्यादा महिलाएं सेल्फ हेल्प ग्रुप (SHP) के जरिए आत्मनिर्भर बनीं.भारतीय सेना में भी महिलाओं को स्थायी कमीशन मिला.
कांग्रेस के 'दोगलेपन' और डिलिमिटेशन पर वार
स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पर दोगली राजनीति करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस 2023 वाले बिल की मांग कर रही है, जबकि उसी बिल में साफ था कि आरक्षण डिलिमिटेशन (परिसीमन) के बाद ही लागू होगा. उन्होंने सवाल किया कि कांग्रेस जिस प्रक्रिया पर भरोसा नहीं करती, उसी के आधार पर आरक्षण की मांग कैसे कर रही है?
दक्षिणी राज्यों के साथ होने वाले अन्याय पर विपक्ष के शोर को भी उन्होंने बेबुनियाद बताया. उन्होंने जानकारी दी कि गृह मंत्री अमित शाह ने खुद 50% सीटों की बढ़ोतरी को लेकर लिखित गारंटी देने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन विपक्ष ने उसका समर्थन नहीं किया.
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'महिलाएं और युवा देंगे जवाब'
सत्र बुलाने के समय पर उठाए जा रहे सवालों को खारिज करते हुए ईरानी ने याद दिलाया कि राजस्थान और यूपी चुनाव के दौरान भी पहले संसद सत्र होते रहे हैं. उन्होंने कहा कि देश की महिलाएं और युवा सब देख रहे हैं.
उन्होंने कांग्रेस से सवाल पूछे कि उनके 60 साल के शासन में महिलाओं के लिए बुनियादी सुविधाएं जैसे शौचालय या सेना में स्थायी कमीशन क्यों नहीं दिया गया? उन्होंने यह भी पूछा कि जब द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति बनाने की बात आई, तब कांग्रेस ने विरोध क्यों किया?