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तापमान में गिरावट, हीटवेव से राहत... देशभर में 9 अप्रैल तक दो पश्चिमी विक्षोभ का असर

देशभर में दो पश्चिमी विक्षोभ मौसम का पूरा मिजाज बदलने वाले हैं. कई राज्यों में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि के साथ तापमान में गिरावट दर्ज होगी. हालांकि यह बदलाव राहत के साथ चुनौती भी लाएगा, क्योंकि तेज हवाएं और बिजली गिरने की घटनाएं जनजीवन और फसलों पर असर डाल सकती हैं.

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बारिश और आंधी से मौसम में राहत
बारिश और आंधी से मौसम में राहत

देशभर में मौसम का रुख बदला बदला है. मार्च के आखिर के बाद अब अप्रैल की शुरुआत में भी कई हिस्सों में तेज गर्मी और हीटवेव जैसी स्थिति से राहत मिल रही है. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तर भारत में सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभों की वजह से पूरे देश में प्री-मॉनसून गतिविधियां तेज हो रही हैं, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी.

दरअसल, अप्रैल के पहले हफ्ते में एक नहीं बल्कि दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहे हैं, जो अलग-अलग समय पर देश के मौसम को प्रभावित करेंगे. पहला सिस्टम 3 से 5 अप्रैल के बीच असर दिखा रहा है, जबकि दूसरा 7 से 9 अप्रैल के बीच एक बार फिर बारिश और आंधी की गतिविधियों को बढ़ाएगा. इन दोनों सिस्टम के संयुक्त प्रभाव से उत्तर, मध्य, पूर्व और दक्षिण भारत तक मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा.

उत्तर-पश्चिम भारत जैसे पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में इस दौरान गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है. कई जगहों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है. मध्य प्रदेश में भी इसी तरह का मौसम बना रहेगा, जहां बादल छाए रहने और रुक-रुक कर बारिश होने के आसार हैं.

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मौसम का असर धीरे-धीरे पूर्वी और मध्य-पूर्वी राज्यों तक भी पहुंचेगा. छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार और ओडिशा में 6 से 8 अप्रैल के बीच मौसम सक्रिय रहेगा और यहां गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. इसके बाद 7 से 9 अप्रैल के बीच पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में भी तेज बारिश और आंधी की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है.

दक्षिण भारत भी इस बदलाव से अछूता नहीं रहेगा. आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु और केरल में प्री-मॉनसून बारिश की शुरुआत होगी, जिससे वहां के तापमान में भी गिरावट दर्ज की जाएगी. वहीं, पहाड़ी राज्यों जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश के साथ ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी देखने को मिल सकती है.

लगातार आ रहे इन पश्चिमी विक्षोभों की वजह से सबसे बड़ा असर तापमान पर पड़ेगा. कई इलाकों में दिन का तापमान सामान्य से नीचे आ सकता है और हीटवेव की स्थिति फिलहाल टल जाएगी. ठंडी हवाओं और बादलों की वजह से मौसम सुहावना बना रहेगा, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी.

हालांकि, इस राहत के साथ कुछ चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं. तेज आंधी, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की घटनाएं बढ़ सकती हैं, जिससे जनजीवन और कृषि पर असर पड़ने की संभावना है. अचानक तेज बारिश से कुछ शहरों में जलभराव जैसी स्थिति भी बन सकती है.

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मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि 9 अप्रैल के बाद इन सिस्टम्स का असर धीरे-धीरे कम हो जाएगा और मौसम साफ होने लगेगा. इसके बाद एक बार फिर तापमान बढ़ने की संभावना रहेगी, लेकिन फिलहाल के लिए अप्रैल की शुरुआत में ही गर्मी पर लगा यह ब्रेक लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है.

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