देश के कई राज्यों में मॉनसून की एंट्री हो चुकी है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है. हालांकि, उत्तर भारत के कुछ राज्य अभी भी चिलचिलाती गर्मी और लू की चपेट में हैं. मौसम विभाग (IMD) की मानें तो 16 जून तक उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और झारखंड के कुछ हिस्सों में हीटवेव चलने की आशंका है. वहीं, 13 जून को अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, कर्नाटक, तेलंगाना और महाराष्ट्र में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.
दिल्ली का मौसम
दिल्ली में हीटवेव का दौर थमने का नाम ही नहीं ले रहा है. मौसम विभाग ने 18 जून तक दिल्ली में लू की चेतावनी जारी की है. इस दौरान तीखी धूप सताएगी और दिन का पारा 45 डिग्री तक पहुंचने की आशंका है.
दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण का क्या है हाल, देखें खास कवरेज
IMD के मुताबिक, इस पूरे हफ्ते दिल्ली का अधिकतम तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है और न्यूनतम तापमान 30 से 31 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है.
दिल्ली में हीटवेव का रेड अलर्ट
देश के मौसम का हाल
मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट के मुताबिक, अगले 24 घंटों के दौरान, महाराष्ट्र, तटीय और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश संभव है. वहीं, आंध्र प्रदेश, लक्षद्वीप, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, दक्षिणी छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश संभव है.
कैसा रहेगा आपके शहर का मौसम, यहां जानिए अपडेट
इसके अलावा दक्षिणी मध्य प्रदेश, दक्षिणी गुजरात और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में हल्की बारिश हो सकती है. गंगा के तटीय पश्चिम बंगाल, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में लू से लेकर भीषण लू की स्थिति संभव है. वहीं पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, झारखंड और ओडिशा के कुछ हिस्सों में लू की स्थिति संभव है.
देश की मौसमी गतिविधियां
मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट के मुताबिक, मॉनसून की उत्तरी सीमा 20.5N/60E, 20.5N/63E, 20.5 डिग्री E/70 डिग्री उत्तर, नवसारी, जलगांव, अकोला, पुसाद, रामागुंडम, मलकानगिरी, विजयनगरम, 19.5E/88N, 21.5E/89.5 N, 23/89.5 N, 23E/89.5N और इस्लामपुर से होकर गुज़र रही है. वहीं, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ के ज़्यादातर हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं.
कैसी है आपके शहर की एयर क्वॉलिटी, यहां कीजिए चेक
इसके अलावा जम्मू और कश्मीर के ऊपर औसत समुद्र तल से 5.8 किलोमीटर ऊपर एक परिसंचरण के रूप में पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है. उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण औसत समुद्र तल से 1.5 किलोमीटर ऊपर तक फैला हुआ है.