
एलपीजी लेकर दो मेगा इंडियन टैंकर अगले 48 से 60 घंटों में भारत पहुंचने वाले हैं. एलपीजी की दिक्कतों के बीच भारत के लिए ये राहत की खबर है. पाइन गैस और जग वसंत नाम के दो जहाज जंग से घिरे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सुरक्षित पार कर चुके हैं, होर्मुज को क्रॉस करते ही भारत के युद्धपोत समंदर में इन टैंकरों को एस्कॉर्ट कर रहे हैं.
पाइन गैस नाम के टैंकर में 45 हजार टन एलपीजी लोड है. ये जहाज न्यू मैंगलुरु पोर्ट की ओर जा रहा है. 27 मार्च तक इस जहाज के न्यू मैंगलुरु पोर्ट पहुंच जाने की संभावना है. दूसरे टैंकर जंग वसंत में 46 हजार टन एलपीजी तैनात है. ये पोर्ट कांडला की ओर जा रहा है. ये पोर्ट 26 मार्च को कांडला पहुंचेगा.
जग वसंत पर 33 भारतीय सवार हैं, जबकि पाइन गैस पर 27 भारतीय है. पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आस पास 20 भारतीय जहाज बच गए हैं, इसमें 540 नागरिक हैं.

नीचे की तस्वीर पाइन गैस नाम के टैंकर की है. इसके सामने 20 नॉटिकल मील की दूरी पर इंडियन वॉरशिप-2 दिख रहा है. इसे तस्वीरों में देखा जा सकता है.

जबकि जंग वसंत के आस पास इंडियन वॉरशिप-3 इसके एस्कॉर्ट कर रहा है.
दोनों जहाजों पर कितना एलपीजी लोड है?
पाइन गैस पर 45 हजार टन एलपीजी लोड है. किलोग्राम में ये मात्रा 4,50,00,000 होती है. अगर एक घरेलू रसोई गैस सिलेंडर में 14.5 KG गैस भरा जाता है तो इस उपलब्ध गैस से लगभग 31,03,448 सिलेंडर भरे जा सकते हैं.
जग वसंत पर 46 हजार टन एलपीजी लोड है. इस एलपीजी गैस से लगभग 31.70 हजार घरेलू रसोई गैस सिलेंडर भरे जा सकते हैं.
इस तरह अगर दोनों टैंकरों के एलपीजी से सिर्फ रसोई गैस सिलेंडर भरे जाएं तो कुल 62 से 63 लाख घरेलू रसोई गैस सिलेंडर भरे जा सकते हैं.
इस बीच भारत सरकार देश में एलपीजी की उपलब्धता पर नजर बनाए हुए है. भारत में ऑनलाइन बुकिंग 84% से बढ़कर 93% हो गई है, जबकि पैनिक बुकिंग में कमी हुई है.
सरकार के अनुसार घरेलू LPG की सप्लाई स्थिर है. कहीं भी सिलेंडर खत्म होने की कोई रिपोर्ट नहीं है और डिलीवरी सामान्य रूप से हो रही है.
भारत की रिफाइनरियों से घरेलू LPG का उत्पादन पश्चिम एशिया संकट से पहले की अवधि की तुलना में 40% बढ़ गया है.
कमर्शियल LPG आपूर्ति धीरे-धीरे बहाल की जा रही है. राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को कुल 50% का आवंटन किया गया है. 14 मार्च 2026 से अब तक लगभग 16,000 MT व्यावसायिक LPG की आपूर्ति की जा चुकी है.