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NEET-PG में कट-ऑफ कम करने का मामला SC पहुंचा, अदालत ने केंद्र सरकार से मांगा जवाब

अदालत में दायर याचिका में दलील दी गई कि स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा में न्यूनतम योग्यता मानकों में कमी असंवैधानिक और संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 का उल्लंघन है.

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सुप्रीम कोर्ट (File Photo: PTI)
सुप्रीम कोर्ट (File Photo: PTI)

नीट-पीजी (NEET-PG) के 2025-26 सत्र में कट-ऑफ कम करने को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी कर एक हफ्ते में केंद्र सरकार और संबंधित बोर्ड को जवाब देने को कहा है. सरकार और संबंधित बोर्ड को शुक्रवार को अगली सुनवाई से पहले जवाब दाखिल करना होगा.

याचिका में नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (एनबीईएमएस) द्वारा 13 जनवरी 2026 को जारी अधिसूचना को चुनौती दी गई है. इसमें NEET-PG (2025-26) के लिए क्वालीफाइंग कट-ऑफ पर्सेंटाइल को असामान्य रूप से निम्न, शून्य और यहां तक नकारात्मक स्तर तक कम कर दिया गया था.

याचिका सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन, डॉ. सौरव कुमार, डॉ. लक्ष्य मित्तल और डॉ. आकाश सोनी ने दाखिल की थी. याचिका में तर्क दिया गया कि स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा में न्यूनतम योग्यता मानकों में कमी मनमाना, असंवैधानिक और संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 का उल्लंघन है.

इससे रोगी सुरक्षा, सार्वजनिक स्वास्थ्य और चिकित्सा पेशे की अखंडता के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता है. स्नातकोत्तर स्तर पर योग्यता को कम करना स्थापित कानून और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के तहत वैधानिक जनादेश के विपरीत है.

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