देश के मुख्य न्यायधीश जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई में जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस बी वी नागरत्ना, जस्टिस एम एम सुन्दरेश और जस्टिस पी एस नरसिम्हा के 5 जजों के कॉलेजियम ने केंद्र सरकार से गुजरात हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस सुनीता अग्रवाल, दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डी के उपाध्याय और तेलंगाना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस अपरेश कुमार सिंह को सुप्रीम कोर्ट जज बनाने की सिफारिश की है.
इन तीन नए जजों की नियुक्ति के बाद सुप्रीम कोर्ट में कुल 37 जज हो जाएंगे. यह संख्या कोर्ट की अधिकतम स्वीकृत क्षमता 38 से सिर्फ एक कम होगी. हाल ही में संसद में पारित सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन अधिनियम, 2026 पारित किया गया है. इसके तहत मुख्य न्यायाधीश समेत सुप्रीम कोर्ट में कुल 38 जज हो सकते हैं.
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वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में CJI सहित 34 जज कार्यरत हैं. यानी पिछली स्वीकृत संख्या पूरी है. अब तीन जजों का शपथ ग्रहण होने के बाद ये संख्या 37 हो जाएगी. बता दें 29 नवंबर को जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा सेवानिवृत्त होने वाले हैं. इसके बाद अगले साल 9 फरवरी 2027 को चीफ जस्टिस सूर्यकांत रिटायर होंगे और जस्टिस विक्रम नाथ सीजेआई बनेंगे.
जस्टिस नाथ 23 सितंबर को रिटायर होंगे. अगले वर्ष देश को जस्टिस बी वी नागरत्ना के रूप में पहली महिला चीफ जस्टिस मिलेगी. उनका कार्यकाल 29 अक्टूबर तक होगा.