श्रीलंका में शनिवार को बड़े पैमाने पर बिजली संकट पैदा हो गया. दोपहर करीब 12 बजे अचानक पूरे देश में बिजली आपूर्ति ठप हो गई. अधिकारियों के मुताबिक, तीन घंटे से ज्यादा समय तक देशभर में ब्लैकआउट की स्थिति बनी रही. बिजली गुल होने से पानी की आपूर्ति, इंटरनेट सेवाएं और मोबाइल कनेक्टिविटी भी प्रभावित हुईं. अधिकारी देश के अलग-अलग हिस्सों में चरणबद्ध तरीके से बिजली बहाल करने में जुटे हैं.
श्रीलंका के बिजली अधिकारियों ने बताया कि शनिवार दोपहर अचानक बिजली व्यवस्था में तकनीकी खराबी आ गई, जिसके कारण पूरे द्वीपीय देश में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई. इस दौरान कई जरूरी सेवाओं पर भी असर पड़ा. बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए संबंधित विभागों की टीमें काम कर रही हैं.
पानी की सप्लाई प्रभावित, लोगों से की गई अपील
देशव्यापी बिजली कटौती का असर जलापूर्ति व्यवस्था पर भी पड़ा. श्रीलंका की जलापूर्ति एजेंसी ने लोगों से पानी की बर्बादी न करने की अपील की है. एजेंसी ने चेतावनी दी कि लंबे समय तक बिजली बाधित रहने से पानी की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है.
इसके अलावा इंटरनेट सेवाओं और मोबाइल नेटवर्क पर भी बिजली संकट का असर देखने को मिला. बिजली विभाग के अधिकारी देश के विभिन्न इलाकों में चरणबद्ध तरीके से आपूर्ति बहाल करने की कोशिश कर रहे हैं.
ऊर्जा मंत्री ने बताया क्यों गुल हुई बिजली
श्रीलंका के ऊर्जा मंत्री अनुरा करुणातिलका ने बताया कि बिजली व्यवस्था में अचानक आई तकनीकी खराबी के कारण पूरे देश में बिजली आपूर्ति ठप हो गई. उन्होंने कहा, 'बिजली प्रणाली में अचानक आई खराबी के कारण पूरे द्वीप में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई.' हालांकि, देशव्यापी ब्लैकआउट की सटीक वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है. सरकार के मुताबिक, देश के मध्य पर्वतीय क्षेत्र में स्थित एक जलविद्युत संयंत्र में आई खराबी इसकी संभावित वजह हो सकती है.
ऊर्जा मंत्री ने बताया कि हाइड्रोपॉवर प्लांट में यह खराबी शुक्रवार को ही सामने आई थी. आशंका जताई जा रही है कि इसी वजह से शनिवार को बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई.
सोलर पैनल मालिकों को ग्रिड से दूर रहने की सलाह
श्रीलंका के ऊर्जा मंत्री ने घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने वाले लोगों से भी विशेष अपील की है. उन्होंने कहा कि जब तक बिजली सिस्टम में बैलेंस नहीं हो जाता और आपूर्ति पूरी तरह बहाल नहीं हो जाती, तब तक रूफटॉप सोलर पैनल को बिजली ग्रिड से अलग रखा जाए. सरकारी बिजली संस्था के मुताबिक, बिजली व्यवस्था को सामान्य करने और पूरे देश में आपूर्ति बहाल करने के प्रयास जारी हैं.