scorecardresearch
 

'धर्म और भाषा के नाम पर लोगों को बांटने की हो रही साजिश', RSS चीफ मोहन भागवत ने दी ये चेतावनी

RSS चीफ मोहन भागवत ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि कुछ ताकतें धर्म और भाषा के नाम पर लोगों में फूट डाल रही हैं. अगरतला के पास एक कार्यक्रम में उन्होंने देश की असली ताकत विविधता में एकता को बताया है. उन्होंने लोगों से एकजुट रहने की अपील की है.

Advertisement
X
अगरतला में एक मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के दौरान RSS चीफ ने लोगों संबोधित किया. (File Photo: ANI)
अगरतला में एक मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के दौरान RSS चीफ ने लोगों संबोधित किया. (File Photo: ANI)

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने सामाजिक माहौल को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों को धर्म और भाषा के आधार पर बांटने की कोशिशें की जा रही हैं. अगरतला के पास फकरीमुरा में मां चिन्मयी सौंदर्य मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के दौरान उन्होंने एक सभा को संबोधित किया.

इस दौरान मोहन भागवत ने कहा कि भारत की असली ताकत उसकी विविधता में एकता है. इसे कमजोर करने की लगातार कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि कुछ दुष्ट शक्तियां इस बात से परेशान हैं कि यदि भारत अपनी सदियों पुरानी सभ्यतागत ताकत के सहारे आगे बढ़ता रहा, तो उनकी दुकानें बंद हो जाएंगी. 

मोहन भागवत ने कहा, ''वे धर्मों और भाषाओं के आधार पर लोगों के बीच झगड़ा करवाने की कोशिश कर रहे हैं. मुझे इसके उदाहरण देने की जरूरत नहीं है.'' इस कार्यक्रम में त्रिपुरा के राज्यपाल एन इंद्रसेना रेड्डी और त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा सहित बड़ी संख्या लोग मौजूद थे.

भारत की पहचान पर बात करते हुए भागवत ने कहा कि विविधता इस देश की पुरानी परंपरा रही है. उन्होंने कहा कि अलग-अलग भाषाओं, धर्मों, परंपराओं और संस्कृतियों के बावजूद भारत सदियों से लगातार आगे बढ़ता रहा है. उन्होंने कहा, ''कई देशों का इतिहास 4000 या 5000 साल से ज्यादा पुराना नहीं है.''

Advertisement

उनके अनुसार ऐसे देशों में एक धर्म और एक भाषा हो सकती है, लेकिन भारत पूरी तरह से अलग है. इसका इतिहास, परंपरा और संस्कृति बेहद प्राचीन है. उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे एकजुट रहें और समाज में फूट डालने की कोशिशों को नाकाम करें. उन्होंने कहा, ''हालात चाहे जैसे भी हों, डरने की जरूरत नहीं है.''

RSS चीफ ने मौजूदा वैश्विक व्यवस्था पर भी बोला है. उन्होंने कहा कि दुनिया में अक्सर ताकत सही बातों पर भारी पड़ जाती है. उन्होंने कहा, ''यदि आपके पास ताकत है, तो आपकी शक्ति साबित हो जाएगी. लेकिन यदि आप सही रास्ते पर भी हैं, तो भी कोई आपकी बात नहीं सुनेगा. इसलिए ज्ञान और शक्ति दोनों जरूरी हैं.''

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement