ऋषिकेश के थाना लक्ष्मण झूला क्षेत्र से बड़ी घटना सामने आई है. यहां गंगा नदी में स्नान कर रहे दो पर्यटक तेज बहाव में बह गए. सूचना पर पहुंची SDRF की टीम सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन देर शाम तक उनका कुछ पता नहीं चल सका. पर्यटकों की खोज जारी है. दोनों ही मेरठ से आए थे और हुंडई के एक शोरूम में काम करते थे.
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को ऋषिकेश में लक्ष्मण झूला, सिंगटाली पुल के पास पर्यटक गंगा नदी में नहा रहे थे. इसी दौरान भंवर में फंसने से वह तेज बहाव में बह गए. सूचना मिलते ही SDRF की टीम ने मौके पर पहुंचकर सर्च अभियान शुरू किया. देर शाम तक दोनों का कोई सुराग नहीं लग पाया था. मेरठ से छह लोगों का एक समूह घूमने के लिए ऋषिकेश आया था. गुरुवार दोपहर करीब 1:50 बजे सभी लोग सिंगटाली पुल के समीप गंगा नदी में स्नान कर रहे थे. इसी दौरान एक महिला और एक पुरुष अचानक संतुलन खो बैठे और तेज बहाव की चपेट में आकर नदी में बह गए. घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई.
घटना की सूचना पर SDRF की ढालवाला एवं ब्यासी टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और सर्च ऑपरेशन शुरू किया. SDRF के डीप डाइवर नदी की गहराइयों में लगातार तलाश कर रहे हैं. पुलिस और SDRF की टीम संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान में जुटी हुई है. लापता लोगों की पहचान ऋतु पत्नी वांशिक माहेश्वरी (30 वर्ष) निवासी मेरठ तथा नरेश उपाध्याय (42 वर्ष) निवासी ग्राम जागेठी, थाना कंकरखेड़ा, मेरठ के रूप में हुई है. साथियों ने बताया कि सभी लोग मेरठ स्थित दास हुंडई शोरूम में कार्यरत हैं और अवकाश होने के कारण ऋषिकेश घूमने आए थे. SDRF ने आमजन से अपील करते हुए कहा है कि गंगा नदी में प्रतिबंधित अथवा असुरक्षित स्थानों पर स्नान न करें. नदी में उतरते समय सावधानी बरतें और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहें. SDRF ने कहा कि सतर्कता ही ऐसे हादसों से बचाव का सबसे बड़ा उपाय है.