तमिलनाडु में चुनाव नतीजे आने के दो दिन बाद भी सरकार गठन को लेकर अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है. राज्यपाल ने सरकार बनाने का दावा पेश करने पहुंचे सबसे बड़ी पार्टी टीवीके के नेता विजय को बहुमत नहीं होने का हवाला देकर वापस भेज दिया. कयास डीएमके और एआईएडीएमके जैसे दो विरोधी दलों के साथ आने के भी लगाए जाने लगे हैं. इन सबके बीच सूबे में अब रिजॉर्ट पॉलिटिक्स शुरू हो गई है.
एआईएडीएमके ने अपने 15 विधायकों को पुडुचेरी भेज दिया है. केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में एनडीए की सरकार है और टूट-फूट की संभावनाएं शून्य करने की कोशिश में पार्टी ने अपने विधायकों को वहां भेज दिया है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक एआईएडीएमके प्रमुख पलानीस्वामी के करीबी सीवी शन्मुगम ने ‘द शोर त्रिश्वम’ रिजॉर्ट में 20 से ज्यादा कमरे बुक कराए हैं. कई विधायक पुडुचेरी पहुंच चुके हैं, वहीं कई अभी रास्ते में हैं.
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एआईएडीएमके सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में और कमरे भी बुक किए जा सकते हैं, क्योंकि सरकार गठन की स्थिति लगातार बदल रही है. एआईएडीएमके ने यह कदम ऐसे समय उठाया है, जब उसके कुछ विधायक विजय की अगुवाई वाली टीवीके को समर्थन देने के पक्ष में अपनी राय जाहिर कर चुके हैं. चर्चा एआईएडीएमके की प्रमुख प्रतिद्वंदी डीएमके के साथ गठबंधन को लेकर बैक चैनल बातचीत की भी है.
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एआईएडीएमके सूत्रों ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा है कि गठबंधन को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है. गठबंधन की कवायद के बीच अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए पार्टी ने उनको पुडुचेरी के रिजॉर्ट में भेजने का फैसला लिया. गौरतलब है कि विजय ने सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए राज्यपाल से मुलाकात की थी. विजय ने राज्यपाल को 112 विधायकों के समर्थन का पत्र भी सौंपा था, लेकिन राज्यपाल ने उनसे 118 विधायकों कैे समर्थन का पत्र लाने को कह दिया था.