तमिलनाडु की राजनीति में इस वक्त AIADMK और अभिनेता विजय की पार्टी TVK को लेकर जो चर्चाएं चल रही थीं, उन पर अब AIADMK ने पूरी तरह रोक लगा दी है. पार्टी ने साफ कह दिया है कि वह किसी भी हाल में TVK को समर्थन नहीं देगा. यानी जो भी खबरें या अटकलें चल रही थीं कि दोनों पार्टियां साथ आ सकती हैं, उन्हें पूरी तरह खारिज कर दिया गया है.
यह बयान सिर्फ एक नेता का नहीं, बल्कि पार्टी के भीतर बनी सहमति के साथ आया है. AIADMK के डिप्टी जनरल सेक्रेटरी KP मुनुस्वामी ने खुलकर कहा कि TVK को समर्थन देने का सवाल ही नहीं उठता. उन्होंने यह भी साफ किया कि यह बयान पार्टी प्रमुख एडप्पादी के पलानीस्वामी (EPS) की सहमति से दिया गया है.
पार्टी के अंदर क्या चल रहा है असल खेल?
अब अगर अंदर की बात समझें तो AIADMK के भीतर ही दो तरह की राय सामने आ रही है. एक तरफ कुछ नेता और विधायक ऐसे हैं जो TVK और विजय के साथ किसी तरह की बातचीत या सहयोग के पक्ष में नजर आते हैं. उन्हें लगता है कि इससे राजनीतिक फायदा हो सकता है. लेकिन दूसरी तरफ पार्टी प्रमुख EPS का रुख काफी सख्त है. उनका साफ मानना है कि AIADMK को अपनी अलग पहचान बनाए रखनी चाहिए और किसी भी गठबंधन में जाकर वह अपनी राजनीतिक छवि या संगठन को कमजोर नहीं करना चाहते.
KP मुनुस्वामी ने भी यही लाइन आगे बढ़ाई और साफ कहा कि AIADMK एक बड़ी राजनीतिक ताकत है और वह किसी भी परिस्थिति में TVK को समर्थन नहीं देगा. उन्होंने यह भी कहा कि TVK को लेकर जो भी खबरें फैल रही हैं, वे पूरी तरह गलत हैं.
'पार्टी की पहचान सबसे जरूरी'- EPS का रुख
EPS का मानना है कि अगर AIADMK अपनी मौलिक पहचान से समझौता करती है तो उसका राजनीतिक आधार कमजोर हो सकता है. इसलिए वह फिलहाल किसी भी तरह के गठबंधन पर आगे बढ़ने के मूड में नहीं हैं. हालांकि, पार्टी के भीतर कुछ नेताओं की अलग राय इस बात की ओर इशारा करती है कि पूरी तस्वीर अभी भी एक जैसी नहीं है. यही वजह है कि अंदरूनी स्तर पर चर्चा और असहमति दोनों चल रही हैं.
कुल मिलाकर AIADMK ने साफ कर दिया है कि वह TVK के साथ किसी भी तरह का गठबंधन या समर्थन नहीं करेगा. लेकिन पार्टी के भीतर अलग-अलग राय होने की वजह से यह मामला पूरी तरह शांत हुआ है, ऐसा नहीं कहा जा सकता.
फिलहाल तमिलनाडु की राजनीति में यह साफ हो गया है कि AIADMK और TVK के बीच गठबंधन की जो भी अटकलें थीं, उन पर पार्टी ने खुद ही फुल स्टॉप लगा दिया है.