देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों, भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों, बढ़ती बेरोजगारी और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के खिलाफ बड़े राष्ट्रव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि मोदी सरकार युवाओं को रोजगार देने में पूरी तरह विफल रही है. साथ ही निष्पक्ष परीक्षाएं भी नहीं करा पा रही, जिसके कारण करोड़ों छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ गया है.
इस आंदोलन की रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए गुरुवार को राजधानी दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, पार्टी महासचिवों और विभिन्न राज्यों के कांग्रेस अध्यक्षों की मौजूदगी में करीब तीन घंटे तक मंथन हुआ. कांग्रेस ने शनिवार को आंदोलन के पहले चरण की घोषणा की. आंदोलन के पहले चरण में देश के चार शहरों में कांग्रेस युवा और छात्र महासम्मेलन का आयोजन करेगी.
राहुल गांधी खुद संभालेंगे मोर्चा
कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने बताया कि राहुल गांधी देशभर में छात्रों और युवाओं के बड़े-बड़े सम्मेलनों को संबोधित करेंगे. इन सम्मेलनों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र, युवा संगठन, शिक्षक, शिक्षाविद् और पेपर लीक व परीक्षा घोटालों से प्रभावित अभ्यर्थी हिस्सा लेंगे. कांग्रेस का कहना है कि इन आयोजनों के माध्यम से देशभर के युवाओं को एक मंच पर लाया जाएगा, जहां वे अपनी समस्याएं और अनुभव साझा कर सकेंगे.
कांग्रेस के सम्मेलन का शेड्यूल
17 जून - कोटा (राजस्थान)
10 जुलाई - इलाहाबाद (उत्तर प्रदेश)
11 जुलाई - पटना (बिहार)
14 जुलाई - दिल्ली
युवाओं की मजबूत आवाज बनने की कोशिश
पार्टी ने अपने बयान में कहा कि राहुल गांधी लगातार छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को उठाते रहे हैं और उन्होंने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, योग्यता आधारित चयन और समान अवसर की वकालत की है. कांग्रेस का दावा है कि हाल के वर्षों में बार-बार हुए पेपर लीक, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और परीक्षा शुल्क में बढ़ोतरी ने लाखों युवाओं के सपनों को नुकसान पहुंचाया है. कांग्रेस का कहना है कि यह अभियान केवल राजनीतिक आंदोलन नहीं, बल्कि देश के युवाओं के अधिकारों और उनके भविष्य की लड़ाई है.
कैंपस से कोचिंग तक कांग्रेस करेगी जनसंपर्क
कांग्रेस ने इस आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने के लिए अपनी छात्र इकाई एनएसयूआई, यूथ कांग्रेस, प्रदेश कांग्रेस कमेटियों (PCC), जिला कांग्रेस कमेटियों (DCC) और स्थानीय इकाइयों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी है. कांग्रेस का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य राजनीतिक विचारधाराओं से ऊपर उठकर उन सभी युवाओं को एक मंच पर लाना है जो परीक्षा व्यवस्था की खामियों और सरकारी नीतियों से प्रभावित हुए हैं. कांग्रेस अपने इस अभियान के तहत...
क्या हैं कांग्रेस की प्रमुख मांगें?
राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी इस आंदोलन के दौरान केंद्र सरकार के सामने निम्न प्रमुख मांगें रखेगी.
कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह इस मुद्दे को केवल सड़कों तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि आगामी मानसून सत्र के दौरान संसद में भी जोरदार तरीके से उठाएगी. पार्टी देश के युवाओं के सामने खड़े संकट पर संसद में व्यापक चर्चा की मांग करेगी और परीक्षा प्रणाली में सुधार तथा युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए नए कानून बनाने की पैरवी करेगी.
केंद्र सरकार पर कांग्रेस का तीखा हमला
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार युवाओं की समस्याओं के प्रति संवेदनशील नहीं है और रोजगार, शिक्षा, भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़े गंभीर सवालों पर जवाब देने से बच रही है. पार्टी का कहना है कि लगातार हो रहे पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियां सरकार की नाकामी को उजागर करती हैं. कांग्रेस नेतृत्व का दावा है कि यह आंदोलन आने वाले समय में देशभर के युवाओं की आवाज बनेगा और सरकार को जवाबदेह बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा.