लोकसभा की कार्यवाही नहीं चल पा रही है. राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव बगैर चर्चा और प्रधानमंत्री के भाषण के ही हंगामे के बीच ध्वनिमत से पारित हो गया. वहीं, बजट पर चर्चा की शुरुआत तक नहीं हो सकी है. लोकसभा में जारी गतिरोध के बीच स्पीकर ओम बिरला ने इसे दूर करने के लिए सभी दलों के फ्लोर लीडर्स की बैठक बुलाई. इस बैठक के बाद ऐसे संकेत मिले हैं कि 10 फरवरी को सदन की कार्यवाही सुचारू तरीके से चल सकती है.
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के साथ उनके चैंबर में हुई मीटिंग के बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सदन चलने के संकेत दिए हैं. राहुल गांधी ने मीटिंग के बाद कहा कि लोकसभा की कार्यवाही 10 फरवरी को सुचारू तरीके से चलाने पर फिलहाल सहमति बनी है. उन्होंने यह भी कहा कि एक समझौता हुआ है. हम सदन में जो बोलना चाहते हैं, वह हमें बोलने दिया जाएगा.
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि लोकसभा स्पीकर के साथ हमारी बातचीत हुई है. उनके सामने हमने कुछ बातें प्रमुखता से रखीं, जो हम रखना चाहते हैं. राहुल गांधी ने कहा कि सबसे पहले, मुझे बोलने की अनुमति नहीं दी गई. दूसरी बात हमारे सांसदों को सस्पेंड किया गया. तीसरी बात ये कि बीजेपी के एक सदस्य जो बोलना चाहते थे, लगातार बोला और एक किताब को भी कोट किया. उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई.
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उन्होंने कहा कि इस बात की तनिक भी संभावना नहीं थी कि प्रधानमंत्री को कोई चोट पहुंचाना चाहता था. कुछ सदस्यों की तरफ से इस तरह के आरोप कि सांसद प्रधानमंत्री पर हमला करना चाहते थे, ये बहुत डिस्टर्बिंग है. राहुल गांधी ने आगे कहा कि एक समझौता हुआ है कि हम जो कहना चाहते हैं, हमें कुछ बातें कहने की अनुमति दी जाएगी और कल सदन की कार्यवाही चलेगी.
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स्पीकर की मीटिंग में कौन-कौन?
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सदन में जारी गतिरोध दूर करने के लिए फ्लोर लीडर्स की बैठक बुलाई थी. स्पीकर के चैंबर में हुई इस बैठक में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, टीएमसी की ओर से अभिषेक बनर्जी, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और टीआर बालू थे. इससे पहले लोकसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित होने से पहले भी राहुल गांधी ने कहा था कि स्पीकर ने मुझे बोलने देने के लिए कमिटमेंट किया है. हालांकि, पीठासीन संध्या राय ने उन्हें बोलने की अनुमति नहीं दी थी.