लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को बड़ी राहत मिली है. लखनऊ की एमपी-एमएलए कोर्ट ने राहुल गांधी की ब्रिटिश नागरिकता को लेकर एफआईआर दर्ज करने वाली याचिका खारिज कर दी.
अदालत ने आठ दिन तक चली याचिका पर लगातार सुनवाई के बाद याचिका को खारिज कर दिया. याचिका में राहुल गांधी को ब्रिटिश नागरिक बताते हुए गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई थी. कोर्ट ने याचिका को समय की बर्बादी बताया.
लखनऊ के एमपी एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश आलोक वर्मा ने आठ दिनों तक चली सुनवाई के बाद याचिका खारिज कर दी. कर्नाटक के एस विग्नेश शिशिर ने कांग्रेस नेता और रायबरेली सांसद राहुल गांधी पर रायबरेली की एमपी एमएलए कोर्ट में याचिका दायर की थी.
शिकायतकर्ता की याचिका पर इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने बीते 17 दिसंबर को मामला लखनऊ कोर्ट ट्रांसफर कर दिया था. लखनऊ की एमपी एमएलए कोर्ट में पांच जनवरी 2026 से 14 जनवरी 2026 तक लगातार सुनवाई के बाद ऑर्डर रिजर्व कर लिया गया था.
याचिकाकर्ता का कहना है इस मामले में क्रिमिनल अपील की जाएगी, जहां पर राहुल गांधी के ब्रिटिश नागरिक होने और ब्रिटिश नागरिकता को छिपाकर चुनाव लड़ने के आपराधिक कृत्य पर अदालत को अवगत कराएंगे.