भारत से हजारों किलोमीटर दूर अफ्रीका के अंगोला में एक ऐसा ऑपरेशन हुआ, जिसने पंजाब और हरियाणा के गैंगस्टरों तक साफ मैसेज दिया कि विदेश भाग जाने से कानून का पीछा नहीं छूटेगा. पंजाब पुलिस, हरियाणा STF और केंद्रीय एजेंसियों के संयुक्त ऑपरेशन में दो वांटेड गैंगस्टरों को अंगोला से गिरफ्तार किया गया है. अब दोनों को भारत लाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में वरिंदर उर्फ जॉबन सैदोक और मनजोत शामिल हैं. पुलिस के मुताबिक, वरिंदर पंजाब में चार सनसनीखेज हत्या के मामलों में वांटेड था. उसकी गिरफ्तारी पर पंजाब सरकार ने 5 लाख रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा था. वहीं मनजोत हरियाणा में दर्ज कई गंभीर आपराधिक मामलों में फरार चल रहा था.
इस ऑपरेशन की खास बात यह है कि इसकी शुरुआत हरियाणा स्पेशल टास्क फोर्स (STF) से मिले एक अहम इनपुट से हुई. इसके बाद पंजाब पुलिस, हरियाणा पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर दोनों की लोकेशन ट्रैक की. आखिरकार अंगोला में दोनों को हिरासत में ले लिया गया.
पुलिस का दावा है कि दोनों आरोपी गोपी घनश्यामपुरिया और डोनी बल गैंग के सदस्य हैं. इन गैंगों का नाम पंजाब और हरियाणा में कई संगठित अपराधों, हत्या और रंगदारी के मामलों से जुड़ता रहा है. जांच एजेंसियों का मानना है कि विदेश में रहने के बावजूद दोनों अपने गैंग नेटवर्क के संपर्क में थे.
इन दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले ही रेड कॉर्नर नोटिस (RCN) जारी कराया जा चुका था. पंजाब पुलिस लगातार इंटरपोल और अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के संपर्क में थी. इसी समन्वय के बाद अंगोला में उनकी मौजूदगी की पुष्टि हुई और वहां की एजेंसियों की मदद से गिरफ्तारी की गई.
दोनों गैंगस्टरों को भारत लाने के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें भारत लाया जाएगा, जहां हत्या, संगठित अपराध और अन्य लंबित मामलों में पूछताछ होगी. हाल के वर्षों में पंजाब और हरियाणा के कई गैंगस्टरों ने विदेशों में ठिकाने बना लिए हैं और वहां से नेटवर्क ऑपरेट कर रहे हैं. फिलहाल दोनों आरोपी अंगोला में हिरासत में हैं. भारत लाने की प्रक्रिया जारी है और जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ के बाद गैंग नेटवर्क से जुड़े कई और अहम खुलासे हो सकते हैं.
डीआईजी ऑफिस ने जारी किया बयान
जालंधर के DIG ऑफिस ने इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत सिंह नागरा की गिरफ्तारी को लेकर एक प्रेस नोट जारी किया है. पुलिस का दावा है कि जांच के दौरान ऐसे पर्याप्त सबूत मिले हैं, जिनसे पता चलता है कि इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत सिंह नागरा ने अमेरिका में रहने वाले एक परिवार से जबरन पैसे वसूले थे. पुलिस ने बताया कि जांच में यह बात सामने आई है कि इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत ने अमेरिका में रहने वाले परिवार से 16 लाख रुपये वसूले थे. इस पूरे मामले की जांच चल रही है. इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया गया है और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है.