
सनातन धर्म को लेकर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का एक कथित बयान इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. एक पोस्टकार्ड के जरिए दावा किया जा रहा है कि राहुल गांधी ने कहा है कि वो मोदी को हराने के बाद सनातन का वो हाल करेंगे कि पूरा देश देखेगा.
फेसबुक और एक्स पर राहुल गांधी का बयान बताकर ये पोस्टकार्ड खूब शेयर किया जा रहा है. कुछ यूजर्स ने तो तंज कसते हुए लिखा, 'इस जन्म में तो कोई संभावना नहीं है.'

हालांकि राहुल गांधी ने ये कथित बयान कब और कहां दिया था, इसकी कोई जानकारी या सूत्र पोस्टकार्ड में मौजूद नहीं है.
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि राहुल गांधी ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है. उनके नाम से वायरल हो रहा ये पोस्टकार्ड फर्जी है.
कैसे पता की सच्चाई?
अगर कांग्रेस नेता ने वाकई सनातन के बारे में ऐसा विवादित बयान दिया होता, तो तमाम मीडिया संस्थानों ने इस पर खबरें छापी होतीं. लेकिन हमें इस बारे में कोई भी न्यूज रिपोर्ट नहीं मिली.
पड़ताल के दौरान हमें 9 मई, 2026 की ‘द प्रिंट’ की एक रिपोर्ट मिली. इसके मुताबिक, 8 मई को राहुल गांधी गुरुग्राम में पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह की ‘सद्भाव यात्रा’ में शामिल हुए थे. यहां एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था कि कांग्रेस पार्टी नरेंद्र मोदी को हराएगी, और उसके बाद पार्टी उनके खिलाफ क्या रुख अपनाएगी, ये सबको दिखेगा.
अपने पूरे भाषण में राहुल ने चुनावी संस्थाओं के दुरुपयोग, बेरोजगारी और अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते जैसे मुद्दे उठाए. प्रिंट की इस रिपोर्ट में कहीं भी ‘सनातन’, या ‘हिंदू धर्म’ का कोई जिक्र नहीं है.
राहुल गांधी के यूट्यूब चैनल पर उनका ये भाषण मौजूद है. इस वीडियो में ठीक 48 मिनट 50 सेकंड पर राहुल गांधी बोलते हैं, 'आप लिख कर ले लो, कांग्रेस पार्टी नरेंद्र मोदी को हराएगी. और फिर देखना हम क्या कार्रवाई करते हैं, नरेंद्र मोदी के साथ. क्योंकि इन्होंने देश पर आक्रमण किया है. लोकतांत्रिक सिस्टम और अंबेडकर जी के संविधान पर आक्रमण किया है. देश की जनता का जो हक है, जो संविधान में लिखा है, लोकतंत्र आपका हक है, उस पर आक्रमण किया है, और लोकतंत्र को इन्होंने खत्म किया है. हम इस बात को नहीं भूलने वाले, चाहे कुछ भी हो जाए.'
इससे साफ पता चलता है कि वायरल पोस्टकार्ड में राहुल गांधी के भाषण के एक हिस्से को गलत तरीके से पेश किया गया है, और इसमें ऐसी बातें जोड़ दी गईं जो उन्होंने कही ही नहीं है.
हालांकि, ये बात भी सच है कि राहुल गांधी इससे पहले हिंदू धर्म को लेकर अपने बयानों की वजह से विवादों में घिर चुके हैं. संसद में एक भाषण के दौरान उन्होंने मनुस्मृति पर टिप्पणी की थी, जिसे शंकराचार्य और बाकी धर्मगुरुओं ने सनातन धर्म का अपमान बताया था.
अप्रैल 2025 में अमेरिका की ब्राउन यूनिवर्सिटी में उन्होंने भगवान श्रीराम को एक ‘पौराणिक पात्र’ बता दिया था, जिस पर हिंदू संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई थी. इन विवादों के बाद ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने उन्हें हिंदू धर्म से बहिष्कृत करने की भी मांग कर दी थी.