प्रधानमंत्री नरेंद्र् मोदी 5 देशों के दौरे पर हैं. उनके 6 दिनों के टूर के में यूएई, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली शामिल हैं. पीएम मोदी 15 मई को यूएई गए थे और अब वो नीदरलैंड पहुंच गए हैं. भारतीय निर्यात और कूटनीति के लिहाज से इस दौरे को बेहद अहम माना जा रहा है.
पीएम मोदी नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रोब जेटन के खास न्योते पर वहां पहुंचे हैं. इस दौरान वो वहां के राजा विलेम-अलेक्जेंडर और रानी मैक्सिमा से मुलाकात करेंगे. पीएम मोदी नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रोब जेटन के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे.
नीदरलैंड के प्रधानमंत्री और पीएम मोदी के बीच यूरोप के साथ भारत के व्यापारिक और तकनीकी संबंधों को बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा होगी. नीदरलैंड के बाद पीएम स्वीडन जाएंगे, इसके बाद वो नॉर्वे पहुंचेंगे. आखिर में वो इटली जाएंगे जहां वो मेलोनी से मुलाकात करेंगे.
-PM मोदी 15 मई को अपनी इस यात्रा के पहले चरण में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की राजधानी अबू धाबी पहुंचे थे. एयरपोर्ट पर उतरते ही वहां के उनका भव्य स्वागत हुआ था और उन्हें 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया गया. अबू धाबी में उन्होंने यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान ने पीएम मोदी से खास मुलाकात की.
-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पांच देशों का विदेशी दौरा भारतीय निर्यात और कूटनीति के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट (मोड़) साबित होने जा रहा है. फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन (FIEO) के मुताबिक, पीएम मोदी की ये यात्रा भारतीय एक्सपोर्ट को एक नई ऊंचाई पर ले जा सकती है. इस पूरे दौरे पर 70 अरब अमेरिकी डॉलर से ज्यादा का द्विपक्षीय व्यापार दांव पर लगा है.
-ये दौरा ऐसे समय पर हो रहा है जब भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता (India-EU FTA) और टेपा (TEPA) चर्चा में हैं. इससे भारतीय निर्यातकों को ग्रीन एनर्जी, सेमीकंडक्टर, रक्षा और डिजिटल व्यापार के क्षेत्र में एक बड़ा वैश्विक बाजार मिलने की उम्मीद है.
पहले पड़ाव पर यूएई में भव्य स्वागत और बड़े समझौते
इस दौरान पीएम मोदी ने ऊर्जा सहयोग पर चर्चा की और वहां रह रहे भारतीयों की मदद के लिए यूएई का आभार जताया. पीएम मोदी ने कहा, 'हम हर क्षेत्र में साथ मिलकर आगे बढ़ेंगे. भारत शांति, स्थिरता और सहयोग के लिए पूरी तरह तैयार है.'
5 अरब डॉलर का निवेश
इस यात्रा के दौरान भारत और यूएई के बीच कई ऐतिहासिक समझौते हुए. भारत और यूएई के बीच 'सामरिक रक्षा साझेदारी' पर समझौता हुआ. रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व और एलपीजी की सप्लाई को लेकर दोनों देशों में अहम सहमति बनी. गुजरात के वाडिनार में 'शिप रिपेयर क्लस्टर' बनाने के लिए एक MoU पर हस्ताक्षर किए गए.
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इसके अलावा, भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र के साथ-साथ RBL बैंक और 'सम्मान कैपिटल' में कुल 5 अरब अमेरिकी डॉलर के बड़े निवेश की घोषणा की गई थी.