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संसद में कांग्रेस vs बीजेपी... नड्डा ने कहा 'अबोध बालक', खड़गे बोले- आपको मोदी जी ने बंधक कर दिया

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को नहीं बोलने दिए जाने का आरोप लगाते हुए विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में सरकार को घेरा. इस पर नेता सदन जेपी नड्डा ने आपत्ति की.

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राज्यसभा में हुई तीखी बहस (Photo: ITG)
राज्यसभा में हुई तीखी बहस (Photo: ITG)

संसद में संग्राम जारी है. गुरुवार को लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही हंगामे के कारण 12 बजे तक स्थगित कर दी गई. वहीं, राज्यसभा में भी जोरदार हंगामा हुआ. राज्यसभा में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और विपक्षी कांग्रेस के बीच तीखी तकरार देखने को मिली. नेता सदन जेपी नड्डा ने अबोध बालक कहा, तो वहीं विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने पलटवार करते हुए कहा कि आपको मोदी जी ने बंधक बना रखा है.

दरअसल, राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने लोकसभा का मुद्दा उठा दिया. खड़गे ने कहा कि संसद का मतलब है लोकसभा और राज्यसभा. लोकसभा में विपक्ष के नेता देश के हित से जुड़े मुद्दे पर बोलना चाहते थे. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेता को बोलने की अनुमति नहीं दी गई. आप इस तरह से सदन कैसे चला सकते हो? नेता सदन जेपी नड्डा ने इस पर आपत्ति की.

जेपी नड्डा ने कहा कि विपक्ष के नेता को यह जानना चाहिए कि लोकसभा की कार्यवाही पर राज्यसभा में चर्चा नहीं की जा सकती. इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि आज हम यह उम्मीद करते हैं कि सभी सांसद सदन के नियमों और परंपराओं का पालन करेंगे. सभी सदस्य आज प्रधानमंत्री की स्पीच सुनने का इंतजार कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस पीएम का संबोधन नहीं सुनना चाहती, लेकिन अन्य सभी सांसद सुनना चाहते हैं.

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अपनी पार्टी को अबोध बालक का बंधक मत बनाइए- नड्डा

संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि लोकसभा में आपके विपक्ष के नेता ने नियमों का पालन नहीं किया. उन्होंने राज्यसभा में यह भी दावा किया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को बोलने का कई बार मौका दिया गया. लोकसभा में विपक्ष के नेता ने बार-बार रूलिंग तोड़ी, नियमों और परंपराओं की अवहेलना की. किरेन रिजिजू के बाद फ्लोर फिर से नेता सदन जेपी नड्डा ने लिया. जेपी नड्डा ने विपक्ष के नेता को नसीहत दी कि अपनी पार्टी को अबोध बालक का बंधक मत बनाइए.

उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता का नाम लिए बिना कहा कि आपको पार्टी के अंदर भी इस बात को समझना चाहिए कि डेमोक्रेसी में डेमोक्रेटिक तरीके से काम करना चाहिए. अपनी पार्टी स्वतंत्र रूप से चलाइए, लेकिन अपनी पार्टी को अबोध बालक का बंधक न होने दीजिए. इस पर विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी पलटवार किया. विपक्ष के नेता ने नेता सदन से कहा कि आपको तो मोदीजी ने बंधक कर दिया है. आप उनकी राय के बिना बात नहीं कर सकते.

विपक्ष के नेता सदन को गुमराह कर रहे- रिजिजू

मल्लिकार्जुन खड़गे ने आगे कहा कि चीन के बारे में बोलना है, आप सहमत नहीं होंगे. इस पर स्पीकर ने कहा कि लोकसभा चर्चा की काउंसिल है और इस सदन में लोकसभा की चर्चा हो रही है. यह अच्छी प्रैक्टिस नहीं है. इसके बाद विपक्ष के नेता ने कहा कि पंडित नेहरू अत्यधिक लोकतांत्रिक व्यक्ति थे. वे लोग अपनी शक्तियों का दुरुपयोग कर रहे हैं. इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि विपक्ष के नेता सदन को गुमराह कर रहे हैं.

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उन्होंने कहा कि आप कह रहे हो कि लोकसभा में विपक्ष के नेता को बोलने नहीं दिया गया. उनको स्पीकर ने 40 मिनट दिया था. रिजिजू ने कहा कि स्पीकर की ओर से रूलिंग दिए जाने के बावजूद उन्होंने लगातार इसकी अवहेलना की. उन्होंने खड़गे के बयान में लिंचिंग शब्द पर आपत्ति की और इसे कार्यवाही से एक्सपंज करने की डिमांड चेयर से की. नूपुर शर्मा का मुद्दा उठाने के साथ ही रिजिजू ने कहा कि केरल में एक शिक्षक के हाथ काट दिए गए. वहां की सरकार ने क्या कार्रवाई की.

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मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस पर तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि आपने विपक्ष के नेता के लिए जिन शब्दों का उपयोग किया, वो निंदनीय है. उन्होंने कहा कि मैं पढ़ना चाहता हूं कि नरवणे ने अपनी बुक में लिखा है. इस पर राज्यसभा में जोरदार हंगामा हुआ. कांग्रेस के सदस्य सदन से वॉकआउट कर गए.

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