
उत्तर भारत और देश के कई हिस्सों में इस समय भीषण गर्मी पड़ रही है. सोमवार को दिल्ली समेत कई शहरों में तेज गर्म हवा चली और तापमान 40 से 47 डिग्री के बीच पहुंच गया. मौसम विभाग ने कहा है कि 24 मई तक कई राज्यों में लू और कुछ जगहों पर बेहद तेज लू की स्थिति बनी रह सकती है. दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में इस सीजन का पहला हीट वेव डे भी दर्ज किया गया.
सोमवार को उत्तर पश्चिम, पश्चिम, मध्य और उत्तर भारत के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान 40 से 47 डिग्री के बीच रहा. सबसे ज्यादा तापमान बांदा में रिकॉर्ड किया गया, जहां पारा 47 डिग्री से ऊपर पहुंच गया. पंजाब के बठिंडा में तापमान 47 डिग्री दर्ज हुआ, जबकि हरियाणा और राजस्थान के कई इलाकों में तापमान 46 डिग्री से ऊपर चला गया.
दिल्ली में भी गर्मी काफी ज्यादा रही और कई जगह तापमान 44 डिग्री के आसपास पहुंच गया. सफदरजंग में 43.4 डिग्री, रिज स्टेशन में 44.6 डिग्री और लोधी रोड में 43.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया. लोधी रोड का तापमान सामान्य से 4.8 डिग्री ज्यादा रहा. यह दिल्ली में पिछले 2 साल में मई का सबसे गर्म दिन बताया गया. दिन में चल रही सूखी गर्म हवा की वजह से बाहर निकलने वाले लोगों को काफी परेशानी हुई.

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक दिल्ली में उत्तर पश्चिम दिशा से आने वाली हवाएं राजस्थान के थार इलाके और पाकिस्तान के सूखे हिस्सों से होकर गुजर रही हैं. इन इलाकों से गुजरने के बाद हवा और ज्यादा गर्म और सूखी हो जाती है. इसी वजह से तापमान तेजी से बढ़ रहा है और रात में भी राहत कम मिल रही है.
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24 मई तक कई राज्यों में लू का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिम राजस्थान और पूर्व राजस्थान के कुछ इलाकों में 24 मई तक लू की स्थिति बनी रह सकती है. पश्चिम यूपी और पूर्व यूपी में भी 24 मई तक तेज लू से लेकर बेहद तेज लू चलने का अनुमान है. मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ, मराठवाड़ा और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी अलग-अलग दिनों में लू पड़ सकती है. बिहार और तेलंगाना के कुछ इलाकों में 21 मई तक गर्म हवाएं चलने की संभावना है. वहीं कोस्टल आंध्र प्रदेश और यानम में 20 से 24 मई के बीच लू की स्थिति बन सकती है.
दिल्ली में येलो अलर्ट, बारिश के आसार नहीं
मौसम विभाग ने कहा है कि 18 से 24 मई के बीच कई राज्यों में तापमान सामान्य से 2 से 6 डिग्री तक ऊपर रह सकता है. दिल्ली के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है और अगले 2 दिनों में तापमान 45 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है. फिलहाल दिल्ली में अगले 10 दिनों तक आंधी या प्री मानसून बारिश के संकेत नहीं हैं.

राजस्थान में धूल भरी हवाओं की चेतावनी
राजस्थान के पिलानी और चित्तौड़गढ़ में 46.2 डिग्री, श्रीगंगानगर में 46.1 डिग्री और बीकानेर में 46 डिग्री तापमान दर्ज किया गया. जयपुर में पारा 43.6 डिग्री तक पहुंचा. राज्य के ज्यादातर शहरों में तापमान 41 डिग्री से ऊपर रहा. अगले 4 से 5 दिनों तक पश्चिम, उत्तर और पूर्व राजस्थान में 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी हवाएं चल सकती हैं.
पंजाब-हरियाणा में भी पारा 47 डिग्री के करीब
पंजाब और हरियाणा में भी गर्मी का असर साफ दिखाई दिया. बठिंडा में 47 डिग्री, फरीदकोट में 46.4 डिग्री और सिरसा में 46.2 डिग्री तापमान दर्ज हुआ. चंडीगढ़ में 42 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया, जो इस सीजन का सबसे गर्म दिन रहा. हरियाणा के रोहतक में 45.2 डिग्री, हिसार में 44.4 डिग्री और गुरुग्राम में करीब 42 डिग्री तापमान दर्ज किया गया.
हिमाचल में बारिश और तूफान की संभावना
हिमाचल प्रदेश में भी तापमान बढ़ा है. धर्मशाला में 35 डिग्री, शिमला में 28.2 डिग्री, मनाली में 28.4 डिग्री और कुफरी में 23.8 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया. मौसम विभाग ने 19 से 24 मई तक राज्य में बारिश का दौर रहने की संभावना जताई है. 21 और 22 मई को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी के कुछ इलाकों में बिजली गिरने, तेज हवा चलने और तूफान की आशंका है.

बिजली की मांग भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची
बढ़ती गर्मी का असर बिजली की मांग पर भी दिख रहा है. दिल्ली में पीक पावर डिमांड 7542 मेगावॉट तक पहुंच गई, जो इस सीजन में अब तक सबसे ज्यादा है. दिल्ली का ऑल टाइम हाई पीक डिमांड 8656 मेगावॉट रहा था.

लोगों को सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को ज्यादा से ज्यादा पानी पीने, हल्के सूती कपड़े पहनने और दोपहर में धूप से बचने की सलाह दी है. बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों का खास ध्यान रखने को कहा गया है. बाहर काम करने वाले लोगों को बीच-बीच में छांव में आराम करने की सलाह दी गई है.

किसानों और पशुपालकों के लिए एडवाइजरी
किसानों को फसलों में हल्की लेकिन बार-बार सिंचाई करने और मिट्टी में नमी बनाए रखने के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है. पशुपालकों से जानवरों के लिए साफ पानी और छांव की व्यवस्था रखने को कहा गया है.
विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ते तापमान और बदलते मौसम की वजह से लू की घटनाएं पहले के मुकाबले ज्यादा तेज और ज्यादा खतरनाक होती जा रही हैं.