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'मस्जिद गए-नमाज पढ़ने का तरीका सीखा', कैसे गदर की सकीना बनीं अमीषा? खोले राज

आज फिल्म गदर को 25 साल पूरे हो गए है. इस मौके पर एक्ट्रेस अमीषा पटेल ने बताया कि क्यों उन्होंने 'गदर: एक प्रेम कथा' में सनी देओल के अपोजिट अपनी कास्टिंग पर सवाल उठाए थे.

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फिल्म गदर पर बोलीं अमीषा पटेल (Photo: Yogen Shah)
फिल्म गदर पर बोलीं अमीषा पटेल (Photo: Yogen Shah)

सनी देओल और अमीषा पटेल स्टारर 'गदर: एक प्रेम कथा' को रिलीज हुए आज पूरे 25 साल हो चुके हैं. इस खास मौके पर फिल्म की लीड एक्ट्रेस अमीषा पटेल ने 'सकीना' बनने के अपने यादगार सफर और इस फिल्म से जुड़ी कई अनसुनी बातों को याद किया है. अमीषा ने फिल्म की सफलता और सनी देओल के बारे में खुलकर बात की. 

HT को दिए इंटरव्यू में अमीषा पटेल बताती हैं कि जब शुरुआत में उन्हें 'गदर' में सनी देओल के अपोजिट कास्ट किए जाने की बात चल रही थी, तो उन्हें दोनों के बीच की उम्र के अंतर को लेकर थोड़ा शक था. वह उस समय को याद करते हुए कहती हैं, 'मेरा पहला सवाल मेकर्स से यही था कि क्या आपको नहीं लगता कि मैं इस फिल्म के लिए बहुत छोटी हूं? क्योंकि मेरे साथ जो हीरो थे, वह उम्र में मुझसे काफी बड़े थे.' 

हालांकि, यह शक जल्द ही दूर हो गया. अमीषा आगे कहती हैं, 'जब डायरेक्टर ने मुझे पूरी कहानी गहराई से समझाई, तब मुझे समझ आया कि फिल्म की असली खूबसूरती ही तारा सिंह के रफ-एंड-टफ अंदाज और सकीना की बेहद नाजुक शख्सियत के बीच के इसी फर्क में छिपी है.'

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500 लड़कियों को पछाड़कर मिली 'सकीना'
सकीना का यह आइकॉनिक रोल अमीषा को इतनी आसानी से नहीं मिला था. इसके लिए उन्हें एक कड़े कॉम्पिटिशन से गुजरना पड़ा था, जहां लगभग 500 लड़कियों ने इस रोल के लिए ऑडिशन दिया था. रोल के लिए चुने जाने के बाद अमीषा ने इस किरदार में ढलने के लिए जमकर मेहनत और रिसर्च की.

अमीषा बताती हैं, 'हम लोग मस्जिदों में गए, वहां जाकर नमाज पढ़ने के तौर-तरीकों को करीब से देखा. ब्रिटिश राज के इतिहास को पढ़ा और उस दौर के माहौल को समझा. इस पूरे सफर में डायरेक्टर अनिल शर्मा जी ने सकीना के किरदार की गहराई को पकड़ने में मेरी बहुत मदद की.'

सेट पर सनी देओल का मिला सपोर्ट 
सनी देओल के साथ अपने रिश्ते पर बात करते हुए अमीषा ने कहा कि समय के साथ सनी के लिए उनके मन में सम्मान और ज्यादा बढ़ गया है. सनी के सपोर्टिव नेचर की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा, 'वह बहुत शांत स्वभाव के हैं और सेट पर काफी मदद करते थे. कई बार ऐसा होता था जब डायरेक्टर अनिल शर्मा जी मुझसे कोई मुश्किल शॉट लेने की कोशिश कर रहे होते थे और मैं असहज होती थी, तो सनी जी कहते थे, 'आप जरा बाहर जाइए, मैं इसे डायरेक्ट करूंगा.' वह मुझे बहुत आराम से और प्यार से चीजें समझाते थे. उन्हें कभी गुस्सा नहीं आता था और न ही वह कभी अपना आपा खोते थे. वह बखूबी समझते थे कि मैं नई हूं और सकीना का यह किरदार निभाना बिल्कुल भी आसान नहीं है.'

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सादगी ही बनी फिल्म की कामयाबी का राज
'गदर' की इस ऐतिहासिक और लंबी कामयाबी का राज बहुत सीधा और साफ है. अमीषा का मानना है कि यह फिल्म बिना किसी बनावट या तामझाम के सुपरहिट हुई. उन्होंने कहा, 'गदर में न तो कोई आइटम सॉन्ग था, न ही जरूरत से ज्यादा ग्लैमर या सेक्सुअलाइजेशन और न ही कोई कंप्यूटर ग्राफिक्स (VFX). फिल्म के दूसरे हिस्से में तारा सिंह ज्यादातर समय एक ही तरह के साधारण कपड़ों में नजर आए, वहीं सकीना भी सिर से पैर तक पूरी तरह ढकी हुई थी.  यही वजह है कि यह आज 25 साल बाद भी लोगों के दिलों में जिंदा है.'

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