दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत उत्तर, पूर्व, पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में शनिवार (11 जुलाई) को भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कई इलाकों में तेज बारिश, आंधी, बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है. विभाग का कहना है कि लगातार हो रही इस बारिश से कुछ जगहों पर पानी भर सकता है, जिससे ट्रैफिक की परेशानी खड़ी होगी. पहाड़ों पर जाने वाले लोग सावधान रहें, वहां लैंडस्लाइड का खतरा बना हुआ है.
मौसम विभाग के मुताबिक, 11 जुलाई को असम, मेघालय, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वोत्तर के राज्यों (नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा) में भारी बारिश हो सकती है. इसके साथ ही सिक्किम और पश्चिम बंगाल के पहाड़ी इलाकों में भी अलर्ट है. राहत की बात यह है कि दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी झमाझम बारिश का अनुमान है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी.
मौसम विभाग ने बताया कि सिर्फ पानी ही नहीं बरसेगा, बल्कि कई जगह आंधी भी चलेगी. आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, पूर्वी मध्य प्रदेश और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. इस दौरान गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है. वहीं बिहार, कर्नाटक, ओडिशा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है.

क्यों हो रही है लगातार बारिश?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय दक्षिण-पश्चिम मॉनसून पूरी तरह एक्टिव है. साथ ही, उत्तर-मध्य यूपी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) बना हुआ है, जो बादलों को बरसने की ताकत दे रहा है. हालांकि, अगले 24 घंटे में यह सिस्टम धीरे-धीरे कमजोर हो जाएगा, लेकिन फिलहाल इसका असर उत्तर भारत के कई हिस्सों में बना रहेगा. इसके अलावा कुछ अन्य मौसमी सिस्टम भी पूर्वी राज्यों में बारिश को लगातार बनाए हुए हैं.
मौसम विभाग का अनुमान है कि 10 से 16 जुलाई के बीच हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर राज्यों में जमकर बारिश जारी रह सकती है. वहीं दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के कुछ इलाकों में रुक-रुक कर बौछारें पड़ती रहेंगी.
खराब मौसम को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. भारी बारिश की वजह से निचले इलाकों में जलभराव, सड़कों पर लंबा जाम और विजिबिलिटी कम होने जैसी दिक्कतें आ सकती हैं. मौसम विभाग ने यह भी साफ किया कि भले ही अभी मॉनसून तेजी से बरस रहा है, लेकिन अल नीनो के असर की वजह से इस महीने के आखिर में कुछ इलाकों में सूखे जैसी स्थिति या सामान्य से कम बारिश का सामना भी करना पड़ सकता है.