केरलम में निपाह वायरस का मामला सामने आया है. कोझिकोड में हुई जांच में एक 40 साल के व्यक्ति में निपाह की पुष्टि हुई है. वायरोलॉजी लैब के नतीजे का भी इंतजार है, लेकिन एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं.
इस बीच मरीज के संपर्क में आए लोगों की पहचान की जा रही है. मरीज को कोझिकोड मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है.
बता दें, निपाह वायरस (Nipah Virus) एक बेहद खतरनाक जूनोटिक वायरस है, जो जानवरों से मनुष्यों में फैलता है. यह वायरस पहली बार 1998 में मलेशिया में पहचाना में आया था. इसके बाद भारत, बांग्लादेश और अन्य दक्षिण एशियाई देशों में इसके मामले सामने आए.
निपाह वायरस का प्राकृतिक स्रोत फल खाने वाले चमगादड़ (फ्रूट बैट्स) माने जाते हैं. यह वायरस संक्रमित चमगादड़ों के संपर्क में आए फलों, फलों के रस या कुछ जानवरों (जैसे सूअर) के माध्यम से मनुष्यों तक पहुंच सकता है. कुछ परिस्थितियों में संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क में आने से भी यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है.
निपाह वायरस संक्रमण के लक्षण हल्के से लेकर गंभीर तक हो सकते हैं. शुरुआती लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, गले में खराश, उल्टी और कमजोरी शामिल हैं.
गंभीर मामलों में मरीज को सांस लेने में दिक्कत या मस्तिष्क में सूजन (एन्सेफलाइटिस) जैसी जटिलताएं हो सकती हैं, जिससे भ्रम, बेहोशी और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं. निपाह वायरस संक्रमण में मृत्यु दर अपेक्षाकृत अधिक देखी गई है, इसलिए इसे एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती माना जाता है.
इस साल फरवरी में पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस संक्रमण के एक मामले ने चिंता बढ़ा दी थी. संक्रमण की चपेट में आने के बाद 25 वर्षीय एक महिला नर्स की मौत हो गई थी.