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कहीं ICU हुआ राख तो कहीं न्यू बॉर्न वार्ड जले... 17 मौके जब अस्पताल बन गए मौत की भट्टी

मुजफ्फरपुर के अस्पताल में तड़के तीन बजे लगी आग की विकराल लपटों ने कई जिंदगियां लील लीं. अस्पताल में आग लगने की पहले भी कई घटनाएं हो चुकी हैं.

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मुजफ्फरपुर के अस्पताल में लगी आग से गईं कई जानें (Photo: ITG)
मुजफ्फरपुर के अस्पताल में लगी आग से गईं कई जानें (Photo: ITG)

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के होटल में लगी आग में 21 जिंदगियां राख हो गईं. इस आग की आंच अभी ठंडी भी नहीं पड़ी थी, कि गुरुवार की सुबह-सुबह बिहार से अस्पताल में आग लगने की खबर आ गई. गुरुवार तड़के तीन बजे उत्तर बिहार की राजधानी कहे जाने वाले मुजफ्फरपुर के एक अस्पताल में आग लग गई. इस घटना में चार मौतों की पुष्टि प्रशासन ने कर दी है. हालांकि, कहा जा रहा है कि मृतकों की संख्या अधिक हो सकती है.

यह आग मुजफ्फरपुर के प्रसाद हॉस्पिटल के आईसीयू में लगी. आग लगने की सूचना पाकर मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने 20 से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू किया है, जिन्हें उपचार के लिए शहर के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. बर्न इंजरी की चपेट में आए कई मरीजों की हालत गंभीर बताई जाती है. हादसे की वजह शॉर्ट सर्किट होने की आशंका जताई जा रही है.  

दिल्ली से बिहार तक 24 घंटे के भीतर हुए दो हादसों ने इन चर्चाओं को हवा दे दी है कि होटल से हॉस्पिटल तक, आखिर इंसान कहां सुरक्षित है. यह कोई पहला मौका नहीं है, जब किसी अस्पताल में आग लगने की वजह से मौतें हुई हों. मध्य प्रदेश से महाराष्ट्र, गुजरात और ओडिशा तक, देश पहले भी अस्पताल में आग लगने की घटना से जानें गंवाने का दंश झेल चुका है. आइए, नजर डालते हैं ऐसी ही कुछ बड़ी घटनाओं पर, जिनमें कई जानें गई थीं...

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4 जून, 2026: बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित प्रसाद अस्पताल के आईसीयू में आग लग गई. इस हादसे में तीन से अधिक लोगों की मौत हो गई है.

16 मार्च, 2026: ओडिशा के कटक में एससीबी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के आईसीयू में आग लगी. शॉर्ट सर्किट के कारण लगी आग से 10 मरीजों की मौत हो गई.

6 अक्टूबर, 2025: जयपुर के सवाई मान सिंह (एसएमएस) अस्पताल के न्यूरो आईसीयू में भीषण आग लगने से छह मरीजों की मौत हो गई.

15 नवंबर, 2024: झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई (एमएलबी) मेडिकल कॉलेज के एनआईसीयू में आग लगने से कम से कम 18 नवजात बच्चों की मौत हो गई.

26 मई, 2024: पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार स्थित बेबी केयर न्यू बॉर्न अस्पताल में शनिवार रात भीषण आग लग गई. इस हादसे में सात नवजात शिशुओं की दर्दनाक मौत हो गई. आग ने आसपास की इमारतों तक फैल गई, जिससे बड़ा नुकसान हुआ.

8 नवंबर, 2021: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित कमला नेहरू बाल चिकित्सालय के एसएनसीयू में आग लगने से चार नवजात शिशुओं की मौत हो गई. घटना के बाद राज्य सरकार ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए.

6 नवंबर, 2021: महाराष्ट्र के अहमदनगर जिला अस्पताल के आईसीयू में आग लगने के कारण कोविड-19 के 11 मरीजों की मौत हो गई. आईसीयू में कुल 17 मरीज भर्ती थे. छह मरीजों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया था.

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1 मई, 2021: गुजरात के भरूच स्थित वेलफेयर अस्पताल के आईसीयू में आग लगने से कोविड-19 के 16 मरीजों और दो नर्सों की मौत हो गई. अस्पताल में जब आग लगी, कोविड-19 के 50 से अधिक मरीज भर्ती थे.

यह भी पढ़ें: बिहार के मुजफ्फरपुर में अस्पताल में भीषण आग, 3 मरीजों की मौत, 20 से ज्यादा का रेस्क्यू

23 अप्रैल, 2021: महाराष्ट्र के विरार स्थित विजय वल्लभ कोविड अस्पताल में आग लगने से कोविड-19 के 15 मरीजों की मौत हो गई.

31 मार्च, 2021: नई दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के आईसीयू वार्ड में आग लग गई. इस घटना में किसी की जान नहीं गई थी. घटना के बाद करीब 60 मरीजों को दूसरे-दूसरे वार्ड में स्थानांतरित किया गया.

25 मार्च, 2021: मुंबई के भांडुप क्षेत्र के एक मॉल में आग लग गई, जहां कोविड-19 मरीजों के उपचार के लिए अस्पताल का संचालन किया जा रहा था. इस घटना में नौ मरीजों की मौत हो गई थी. इस अस्पताल से 68 मरीजों को रेस्क्यू किया गया था.

9 जनवरी, 2021: महाराष्ट्र के भंडारा जिला अस्पताल में आग लगने से 10 लोगों की मौत हो गई.

28 सितंबर, 2020: महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले के एक सरकारी अस्पताल के आईसीयू में आग लग गई. प्रभावित क्षेत्र से 15 मरीजों को सुरक्षित निकाला गया, लेकिन बाद में उनमें से तीन मरीजों की मौत हो गई.

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यह भी पढ़ें: आईसीयू, चीखें और आग का तांडव... मुजफ्फरपुर अस्पताल अग्निकांड में परिजन बोले- हमने कई लोगों को निकाला, स्टाफ भाग गया था

7 फरवरी, 2019: नोएडा के सेक्टर-12 स्थित मेट्रो हार्ट इंस्टीट्यूट की पहली मंजिल पर भीषण आग लग गई. हालांकि, इस घटना में किसी की जान नहीं गई थी और ना ही कोई घायल हुआ था.

17 दिसंबर, 2018: मुंबई के अंधेरी स्थित ईएसआईसी कमगार अस्पताल में भीषण आग लगने से कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई और सौ से अधिक लोग घायल हो गए. कुल 147 लोगों को अस्पताल से रेस्क्यू किया गया था.

17 अक्टूबर, 2016: भुवनेश्वर के एसयूएम अस्पताल में लगी भीषण आग में 22 लोगों की मौत हो गई और 120 से अधिक लोग घायल हो गए.

दिसंबर, 2011: कोलकाता के एएमआरआई अस्पताल में भीषण आग लगने से 89 लोगों की मौत हो गई. आग अस्पताल के बेसमेंट में लगी थी, जहां कथित तौर पर अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री रखी गई थी.

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