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आईसीयू, चीखें और आग का तांडव... मुजफ्फरपुर अस्पताल अग्निकांड में परिजन बोले- हमने कई लोगों को निकाला, स्टाफ भाग गया था

रात करीब 3 बजे... अस्पताल की गलियों में बेचैनी थी. ICU में मशीनों की 'बीप-बीप' आवाजें गूंज रही थीं. मरीज जिंदगी और मौत के बीच लटके थे. तभी अचानक... धुआं उठने लगा. पहले हल्का, फिर इतना कि सांस लेना मुश्किल हो गया. और कुछ ही मिनटों में ICU गैस चैंबर में बदल गया. बाहर परिजन थे... अंदर उनके अपने लोग थे... और बीच में थी वो आग, जिसने तीन लोगों की जान ले ली.

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मुजफ्फरपुर के अस्पताल में 3 मरीजों की मौत. (Photo: Screengrab)
मुजफ्फरपुर के अस्पताल में 3 मरीजों की मौत. (Photo: Screengrab)

बिहार के मुजफ्फरपुर में स्थित प्रसाद हॉस्पिटल में हुए भीषण अग्निकांड ने कई परिवारों की जिंदगी बदल दी है. इस हादसे में 3 मरीजों की मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक मरीजों को रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया. इस घटना को लेकर मरीजों के परिजन आक्रोश में हैं. एक मरीज के परिजन ने बताया कि जैसे ही आग लगी, अफरा-तफरी मच गई. उनका कहना है कि हमने खुद अंदर जाकर मरीजों को बाहर निकाला, अस्पताल का कोई स्टाफ मदद करने नहीं आया.

यह घटना मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र के प्रसाद हॉस्पिटल की है. फायर ब्रिगेड कर्मी ने कहा कि टीम के पहुंचने के बाद लोगों का रेस्क्यू किया गया. अस्पताल प्रबंधन के लोग मौके से फरार थे. मौके पर फायर ब्रिगेड की एक दर्जन गाड़ियां पहुंचीं. स्थानीय लोगों ने रेस्क्यू में मदद की. हमने 15 से 20 लोगों का रेस्क्यू किया है. हम लोग यहां करीब 4 बजे आ गए थे. फायर ब्रिगेड के अधिकारियों का कहना है कि शॉर्ट सर्किट से आईसीयू में आग लगी.

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इस दौरान एक बुजुर्ग ने कहा कि मेरी बहन भर्ती थीं, उनकी मौत हो गई है. अस्पताल में जब अधिकारी मौके पर पहुंचे तो अधिकारियों के सामने मरीज के एक परिजन ने दावा करते हुए कहा कि आईसीयू में करीब 25 से 26 लोग थे. हमने पांच को बाहर निकाला. अपने भाई को निकाला, वो वेंटीलेटर सपोर्ट पर था. उसकी मौत हो गई.

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वहीं एक अन्य मरीज के परिजन ने गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि यहां कोई मदद करने वाला नहीं था, हम लोगों को मरीजों को निकालना पड़ा. मौके पर मौजूद रोती बिलखती एक महिला ने कहा कि मेरे ससुर भर्ती थे, जो एक्सीडेंट के बाद यहां भर्ती हुए थे. जब पहुंचे तो वे जल गए थे. कई मरीजों के परिजन परेशान हैं. कई की हालत गंभीर है.

इस भीषण अग्निकांड के बाद सबसे ज्यादा दर्द और गुस्सा मरीजों के परिजनों में देखा जा रहा है. आग तड़के करीब 3 बजे अस्पताल के आईसीयू वार्ड में लगी, जिसके बाद पूरा परिसर धुएं से भर गया. इस हादसे में 3 मरीजों की मौत की पुष्टि हुई है. घटना के बाद मरीजों को बचाने के लिए उनके परिजन खुद धुएं के बीच दौड़ पड़े. फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटे हैं, लेकिन परिजनों के आंसू और सवाल अभी थमे नहीं हैं.

अग्निशमन विभाग के अधिकारी आरएन पांडेय ने बताया कि सुबह करीब 3 बजे आग लगने की सूचना मिली थी. टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू शुरू किया. स्थानीय लोगों ने भी मदद की. उन्होंने बताया कि 20 से अधिक मरीजों को रेस्क्यू किया है. शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है. लेकिन सवाल यह है कि अगर अस्पताल में आपात व्यवस्था सही होती, तो क्या इतने लोग प्रभावित होते? फिलहाल जांच जारी है.

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