
मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने जा रहे उपचुनाव में नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद बवाल हो गया. BJP का आंतरिक विरोध हिंसक बगावत में तब्दील हो गया. शुक्रवार को पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के करीब 3000 से अधिक उग्र समर्थकों ने नेशनल हाईवे-44 को घेरकर करीब 12 घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रखा.हालात काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े. इस दौरान हुई पत्थरबाजी में दतिया के एसपी मयूर खंडेलवाल सहित आधा दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए.
दतिया भाजपा में मचे घमासान पर कांग्रेस ने भी चौका मारने में देरी नहीं की. कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के चेयरमैन व राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भाजपा को आड़े हाथों लेते हुए लिखा, ''नरोत्तम मिश्रा की टिकट क्या कटी, BJP की पोल खुल गई. जो पार्टी हर रोज दूसरों को अनुशासन और उच्च चरित्र का पाठ पढ़ाती है, आज अपनी ही पार्टी द्वारा अपनी ही पार्टी के खिलाफ पथराव और हंगामा करती पकड़ी गई. दूसरों को नसीहत, खुद मियां फजीहत. भाजपाई बड़े खुश हो कर एक दूसरे को कह रहे हैं- बधाई हो, लोकतंत्र हुआ है.''
पदाधिकारियों ने विरोध में इस्तीफा दिया
दरअसल, सत्तारूढ़ BJP ने शुक्रवार को दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को अपना उम्मीदवार घोषित किया था जिसके बाद मिश्रा के समर्थकों में नाराजगी फैल गई. शुक्रवार के राजनीतिक घटनाक्रम के बाद पार्टी की जिला इकाई के अध्यक्ष और कुछ स्थानीय पार्षदों समेत कई पदाधिकारियों ने विरोध में भाजपा से इस्तीफा दे दिया.
मिश्रा ने खरीद लिया था नामांकन पत्र
आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाए जाने से पूर्व मंत्री मिश्रा को झटका लगा है. पार्टी सूत्रों ने बताया कि मिश्रा को टिकट मिलने की उम्मीद थी और उन्होंने नामांकन पत्र भी खरीद लिया था.
दतिया जिले के सेवढ़ा निवासी आशुतोष तिवारी प्रदेश भाजपा संगठन में सक्रिय रहे हैं. तिवारी ने भाजपा की प्रदेश इकाई के कार्यालय के बाहर संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर उनका आभार जताया.

तिवारी ने कहा, ''नरोत्तम मिश्रा बहुत वरिष्ठ नेता और मेरे मार्गदर्शक हैं. उन्होंने कहा है कि वह पार्टी और मेरे लिए प्रचार करेंगे.''
मिश्रा के एक समर्थक बलराम ने कहा कि कुछ समर्थकों ने अपनी कमीज उतार दी और सड़क पर लेट गए जबकि अन्य ने धरना दिया.
एक अन्य समर्थक ने कहा कि जब तक 'नरोत्तम दादा' को टिकट नहीं मिलेगा, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा और जरूरत पड़ी तो वे पार्टी भी छोड़ देंगे.
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कांग्रेस नेता राजेंद्र भारती ने 2023 के विधानसभा चुनाव में तत्कालीन गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को 7500 से अधिक मतों से पराजित किया था. हालांकि, दिल्ली की एक अदालत ने इस वर्ष अप्रैल में धोखाधड़ी के एक मामले में भारती को तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी जिसके बाद वह विधायक के रूप में अयोग्य हो गए और दतिया सीट पर उपचुनाव कराना आवश्यक हो गया. बाद में भारती को जमानत मिल गई.
निर्वाचन आयोग ने हाल में दतिया समेत देश की तीन विधानसभा सीट पर उपचुनाव के कार्यक्रम की घोषणा की थी. अन्य दो सीट बिहार और गुजरात में हैं. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 30 जुलाई को मतदान होगा जबकि मतगणना तीन अगस्त को की जाएगी.