कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने रविवार को कलकत्ता डिबेटिंग सर्कल की ओर से आयोजित 'हिंदुत्व से हिंदू धर्म को सुरक्षा की जरूरत है' संबंधित बहस के दौरान हिंदुत्व के कॉन्सेप्ट की आलोचना की. बहस के दौरान मणिशंकर अय्यर ने हिंदुत्व की विचारधारा की आलोचना करते हुए इसे हिंदू धर्म की भ्रम वाली स्थिति बताया, जहां 80 फीसदी हिंदुओं को 14 फीसदी मुसलमानों से डरने पर मजबूर किया जाता है.
मणिशंकर अय्यर ने कहा कि हिंदुत्व पैरानोया में हिंदू धर्म है. यह 80 फीसदी हिंदुओं को 14 फीसदी मुसलमानों के सामने डरने के लिए कहता है. हिंदुत्व एक बीजेपी नेता का एक अंधी, भूखी आदिवासी लड़की को थप्पड़ मारना है क्योंकि वह चर्च में क्रिसमस लंच में शामिल होती है. हिंदुत्व शॉपिंग मॉल में जाकर क्रिसमस की सजावट तहस-नहस कर देता है.'
उन्होंने दावा करते हुए कहा कि सावरकर ने बौद्ध धर्म को सभी हिंदुओं के लिए एक अस्तित्वगत खतरा बताया था. उन्होंने इसे हिंदुत्व का अंतिम खंडन बताया, जिसमें सार्वभौमिकता और अहिंसा का अफीम है. उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय पौरुष और यहां तक कि हिंदू जाति के अस्तित्व के लिए भी विनाशकारी था.
हिंदू धर्म और हिंदुत्व के बीच का अंतर बताया
कांग्रेस नेता ने हिंदू धर्म और हिंदुत्व के बीच एक अंतर भी बताया. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हिंदू धर्म एक महान आध्यात्मिक धर्म है, जबकि हिंदुत्व एक राजनीतिक विचारधारा है. उन्होंने यह भी कहा कि हिंदू धर्म ने कई मुश्किलों और परेशानियों का सामना किया, फिर भी वह फलता-फूलता रहा.
अय्यर ने कहा, 'हिंदू धर्म एक महान आध्यात्मिक धर्म है. हिंदुत्व एक राजनीतिक विचारधारा है. हिंदुत्व 1923 में ही आया है. हिंदुत्व से हजारों साल पहले हिंदू धर्म ने कई मुश्किलों का सामना किया और फिर भी बचा रहा, फलता-फूलता रहा, उसे हिंदुत्व की सुरक्षा की कोई जरूरत नहीं थी. गांधी और स्वामी विवेकानंद के हिंदू धर्म को सावरकर के हिंदुत्व से बचाया या बढ़ावा नहीं दिया जा सकता.'
उन्होंने आगे कहा, 'सावरकर ने लिखा कि हिंदू खुद को हिंसा के कामों से हिंदू समझते हैं. महात्मा गांधी ने लिखा, हिंदू की एक पुरानी सभ्यता है. वह मूल रूप से अहिंसक है. आपने देखा है कि हिंदुत्व के गुंडे बीफ जमा करने, खाने या ले जाने के शक में किसी को भी पीटते हैं और मार भी देते हैं. जबकि गांधीजी ने लिखा, गाय की रक्षा के लिए किसी इंसान को मारना हिंदू धर्म और अहिंसा का अपमान है.'