दुर्गा पूजा की खुशियों के बीच कोलकाता में सप्तमी की शाम हादसा हो गया. उत्तर कोलकाता के चोरबागान सार्वजनीन पूजा पंडाल का एक हिस्सा भीड़ के दबाव के कारण ढह गया. खबरों के अनुसार, हादसे के बाद वहां भगदड़ जैसी स्थिति बन गई, इसमें कई लोगों के मारे जाने की आशंका, करीब 40 लोग घायल हैं.
हादसे के बाद प्रभावित सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर कलकत्ता मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और आपदा प्रबंधन अधिकारी मौके पर पहुंच गए. पूजा आयोजक भी स्थिति को संभालने के लिए तुरंत राहत कार्य में जुट गए. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल कलकत्ता मेडिकल कॉलेज पहुंच चुके हैं.
वहीं, दुर्गा पूजा के दौरान हुए इस हादसे के मद्देनजर पश्चिम बंगाल सरकार ने टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर जारी किया है. लोग 18003455678 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं. एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि कई लोग बेहोश हो गए थे. उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को मोटरसाइकिलों पर बैठाकर वहां से ले जाया जा रहा था. प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, उन्होंने आसपास कई लोगों को बेहोश होते और उन्हें बाइक से ले जाते देखा. उन्होंने बताया कि मौके पर काफी भीड़ भी मौजूद थी.
ममता बनर्जी ने जताया दुख
भगदड़ की घटना पर पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दुख जताया है. उन्होंने कहा कि वह घटना की खबर से बेहद स्तब्ध और दुखी हैं. ममता बनर्जी ने घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की और इस मुश्किल समय में उनके परिवारों को हिम्मत और साहस देने के लिए मां दुर्गा से प्रार्थना की.
चोरबागान पूजा पंडाल में हुए हादसे को लेकर TMC विधायक कुणाल घोष ने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताया है. उन्होंने कहा कि हादसे में प्रभावित लोगों को मेडिकल कॉलेज ले जाने की पूरी प्रक्रिया चल रही है. कुणाल घोष ने कहा कि हादसा कैसे और क्यों हुआ, इसकी जानकारी बाद में सामने आएगी, लेकिन फिलहाल प्राथमिकता लोगों को बचाना और गंभीर रूप से घायल लोगों का इलाज कराना है.
उन्होंने पुलिस और प्रशासन से मेडिकल कॉलेज में तुरंत डॉक्टर और संबंधित मेडिकल स्टाफ की व्यवस्था करने की अपील की. उन्होंने कहा कि TMC कार्यकर्ता भी राहत कार्य में सहयोग कर रहे हैं. कुणाल घोष ने पूजा घूमने निकले लोगों से चोरबागान की तरफ नहीं जाने की अपील की.