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विधायकों को धार्मिक स्थल पर कसम दिलाएगी BJP, कर्नाटक MLC चुनाव में क्रॉस वोटिंग के बाद एक्शन

कर्नाटक विधान परिषद चुनाव में अपनी ही पार्टी के खिलाफ क्रॉस वोटिंग करने वाले बीजेपी विधायकों की पहचान के लिए पार्टी ने धर्मस्थल मंदिर में शपथ लेने का निर्णय लिया है. ये कदम पार्टी की एकजुटता बनाए रखने और आंतरिक सियासी संकट को दूर करने के लिए उठाया गया है.

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कर्नाटक बीजेपी प्रमुख बीवाई विजयेंद्र. (File photo: ITG)
कर्नाटक बीजेपी प्रमुख बीवाई विजयेंद्र. (File photo: ITG)

कर्नाटक विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव में अपनी ही पार्टी के खिलाफ क्रॉस वोटिंग होने से नाराज BJP विधायकों पर एक्शन के मुड़ में नजर आ रही है. बताया जा रहा है कि क्रॉस वोटिंग करने वाले एमएलए की पहचान के लिए बीजेपी ने अपने सभी विधायकों को प्रसिद्ध मंदिर वाले शहर धर्मस्थल ले जाएगी, जहां उन्हें (MLAs) को भगवान के सामने शपथ लेने को कहा जाएगा.

सूत्रों का कहना है कि पार्टी के अंदर सियासी सेंधमारी के बाद बीजेपी नेतृत्व ने बागी विधायकों की पहचान करने के लिए इस कड़े और धार्मिक रास्ते को चुना है. सभी विधायकों को धर्मस्थल शहर में स्थित ऐतिहासिक मंदिर में मुख्य देवता भगवान शिव के सामने ले जाया जाएगा, जहां विधायकों से धर्मस्थल शहर में भगवान के सामने शपथ लेने को कहा जाएगा कि उन्होंने BJP को वोट दिया या कांग्रेस के लिए क्रॉस वोटिंग की.

'बैठक के बाद होगा तारीख का ऐलान'

सूत्रों का कहना है कि पार्टी के शीर्ष नेताओं के बीच चर्चा के बाद ये तय हुआ है कि आगामी 4-5 दिनों के अंदर इस पूरी प्रक्रिया को संपन्न कर लिया जाएगा. चुनाव परिणामों के बाद पैदा हुए इस आंतरिक गतिरोध को दूर करने और पार्टी की एकजुटता को दोबारा परखने के लिए आज ही इस महत्वपूर्ण बैठक की तारीख का आधिकारिक ऐलान कर दिया जाएगा.

धर्मस्थल मंदिर का इतिहास

जानकारी के अनुसार, जिस धर्मस्थल शहर को बीजेपी ने अपने विधायकों की शपथ के लिए चुना है, वह कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले में नेत्रावती नदी के किनारे बसा एक बेहद प्रसिद्ध और ऐतिहासिक मंदिर वाला शहर है. ये जगह 800 साल पुराने धर्मस्थल मंदिर के लिए पुरी दुनिया में मशहूर है. ये शिव मंदिर धार्मिक सद्भाव का एक असाधारण आध्यात्मिक प्रतीक है.

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कर्नाटक MLC चुनाव

आपको बता दें कि हाल ही में संपन्न हुए कर्नाटक विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव में को सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी ने सात में से पांच सीटों पर शानदार जीत दर्ज की, जबकि विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (BJP) को केवल दो सीटें ही अपने नाम कर सकी और उसकी सहयोगी जनता दल सेक्युलर (JDS) अपना खाता भी नहीं खोल सकी. दोनों विपक्षी दलों के कई विधायकों ने पार्टी लाइन से अलग जाकर कांग्रेस उम्मीदवारों के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की, जिसके कारण ये अप्रत्याशित चुनावी परिणाम सामने आया था.

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