जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची इस हफ्ते भारत के दौरे पर आ रही हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी इस मुलाकात का मकसद दोनों देशों के बीच आर्थिक सुरक्षा, ऊर्जा, निवेश और इनोवेशन के क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाना है.
जापान के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान में इस दौरे की जानकारी दी. इसके मुताबिक, जापानी प्रधानमंत्री ताकाइची 1 से 3 जुलाई 2026 तक भारत की तीन दिवसीय यात्रा पर रहेंगी. अपनी इस यात्रा के दौरान वे प्रधानमंत्री मोदी के साथ 'भारत-जापान शिखर बैठक' करेंगी.
जापानी विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस यात्रा का मकसद भारत के साथ संबंधों को और मजबूत करना है. 'फ्री एंड ओपन हिंद-पैसिफिक' के सपने को सच करने के लिए भारत के साथ रिश्ते जापान के लिए सबसे ज्यादा अहमियत रखते हैं.
'भारत-जापान जॉइंट विजन' को मिल सकती है रफ्तार
बैठक के दौरान दोनों नेता आपसी सहयोग को बढ़ाने पर चर्चा करेंगे. ये चर्चा पिछले साल अगस्त 2025 में पीएम मोदी की जापान यात्रा के दौरान घोषित किए गए 'अगले दशक के लिए भारत-जापान जॉइंट विजन' के तहत होगी. दोनों देशों के बीच आर्थिक प्रगति को रफ्तार देने के लिए निवेश और तकनीक को बढ़ावा देने पर बातचीत की जाएगी.
10 लाख करोड़ येन के निवेश का लक्ष्य
प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची का ये दौरा पीएम मोदी की अगस्त 2025 की टोक्यो यात्रा के बाद हो रहा है. पिछले साल की उस मुलाकात में दोनों देशों ने अगले दशक के लिए एक विजन पेश किया था. इसके साथ ही जापान ने आने वाले दस सालों में भारत के अंदर 10 लाख करोड़ (10 ट्रिलियन) येन के निवेश का बड़ा लक्ष्य रखा था. ताकाइची के इस दौरे से उस योजना को रफ्तार मिल सकती है.
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भारत और जापान के बीच लंबे समय से 'विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी' रही है. दोनों देशों के बीच ये सहयोग सिर्फ व्यापार और निवेश तक सीमित नहीं है, बल्कि इंफ्रास्ट्रक्चर, रक्षा और सुरक्षा, क्लीन एनर्जी और नई तकनीकों के क्षेत्र में भी लगातार मजबूत हो रहा है.