जापान की राजनीति दशकों के बाद दक्षिणपंथ की ओर करवट लेने को तैयार है. सानाए ताकाइची की ने रविवार को हुए स्नैप आम चुनाव में अपनी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी को भारी बहुमत दिलाकर इतिहास रच दिया है. यह जीत तकाइची को मजबूत राजनीतिक शक्ति प्रदान करती है, जिसके जरिए जापान में राइटविंग पॉलिटिक्स का उदय देखने को मिल सकता है.
ताकाइची जापान की सुरक्षा, प्रवासन, सामाजिक और आर्थिक नीतियों में मजबूत दक्षिणपंथी बदलाव ला सकती हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि यह चुनाव जापान की राजनीति को स्पष्ट रूप से दक्षिणपंथ की ओर ले जाने वाला टर्निंग पॉइंट साबित होगा.
जापान में युद्ध के बाद के इतिहास में दक्षिणपंथी पार्टियों की यह सबसे बड़ी जीत में से एक है. LDP ने संसद के निचले सदन यानी कि हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की 465 सीटों में से 316 सीटें जीतीं है. ये दो-तिहाई से अधिक सुपरमेजॉरिटी है.
ताकाइची का पहला फोकस जापान की युद्ध क्षमता बढ़ाने, हथियारों पर खर्च और आयुध बिक्री बढ़ाने पर है.
ताकाइची ने वादा किया है कि दिसंबर तक सुरक्षा और रक्षा नीतियों में संशोधन किया जाएगा. वे हथियारों के निर्यात पर लगी रोक हटाना चाहती हैं और
जापान को द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद अपनाए गए उन सिद्धांतों से दूर ले जाना चाहती हैं, जिसके तहत जापान ने जंग से जुड़े खर्चे एकदम कम कर दिए थे.
वह अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन जैसे सहयोगियों के साथ खुफिया जानकारी साझा करने के लिए राष्ट्रीय खुफिया एजेंसी बनाने की योजना पर जोर दे रही हैं. साथ ही एक विवादास्पद एंटी-एस्पिनॉज कानून लाने की तैयारी है, जिसे आलोचक नागरिक अधिकारों पर हमला मानते हैं.
ट्रंप के साथ नजदीकी
ताकाइची अपनी नई पारी में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने को तैयार हैं. वह जापान में रक्षा खर्चों को दोगुना करेंगी. ट्रंप के साथ प्रतिबद्धता दिखाते हुए ताकाइची ने रक्षा बजट को 2022 के स्तर से दोगुना कर जीडीपी का 2% करने का लक्ष्य रखा है.
ताकाइची 19 मार्च को व्हाइट हाउस में ट्रंप से मिलने के लिए वॉशिंगटन जाने वाली हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री का समर्थन करते हुए सोशल मीडिया पर इस यात्रा की घोषणा की थी. उम्मीद है कि दोनों नेताओं के बीच बातचीत में रक्षा खर्च और अक्टूबर में जापान द्वारा वॉशिंगटन के लिए वादा किए गए 550 बिलियन अमेरिकी डॉलर के पैकेज के तहत निवेश पर चर्चा होगी.
चीन से सख्त बातचीत की पक्षधर ताकाइची
ताकाइची चीन के प्रति कठोर नीति अपनाने की पक्षधर हैं. उन्होंने ताइवान पर चीन के संभावित हमले में जापान की भूमिका पर टिप्पणी की थी. उन्होंने कहा था कि अगर चीन ताइवान पर हमला करता है तो जापान भी इस संघर्ष में शामिल हो सकता है. ताकाइची के इस बयान पर चीन में तीखी प्रतिक्रिया हुई थी.
चीन के प्रति ताकाइची की सख्त नीतियों का पता उनके उस बयान से चलता है जब उन्होंने टोक्यो के यासुकुनी श्राइन जाने की अपनी इच्छा बताई. ये वही जगह है जहां युद्ध अपराधियों के अवशेष रखे हैं.
ताकाइची जो पहले यासुकुनी नियमित रूप से जाती थीं, पद संभालने के बाद से इस श्राइन में पूजा करने से दूर रही हैं. लेकिन रविवार को फ़ूजी टेलीविज़न के साथ एक इंटरव्यू में ताकाइची ने कहा कि वह ऐसा माहौल बनाना चाहती हैं जिससे यासुकुनी की यात्रा को पड़ोसी देश समझ सकें.
इमिग्रेशन और विदेशियों को नौकरी पर सख्त नीतियां
ताकाइची प्रवासन और विदेश से आने वाले कामगारों पर कड़े नियम लागू करने की पक्षधर हैं. जनवरी में उनकी सरकार ने स्थायी निवास और नागरिकता के नियम सख्त किए, साथ ही कर और सामाजिक बीमा चोरी रोकने के उपाय किए. यह नीति जापान की घटती आबादी के समाधान के रूप में विदेशी श्रमिकों को बढ़ावा देने वाली पुरानी LDP नीति से अलग है और दक्षिणपंथी ताकतों, जैसे Sanseito पार्टी के समर्थकों में लोकप्रिय है. ये पार्टियां विदेशी श्रम को असुरक्षा और सांस्कृतिक टकराव का कारण मानती हैं.
सेम सेक्स मैरिज पर ट्रंप से सहमति
कई मुद्दों पर ताकाइची के विचार रुढ़िवादी लगते हैं. ताकाइची शाही परिवार में सिर्फ़ पुरुषों के उत्तराधिकार का समर्थन करती हैं. सेम-सेक्स मैरिज
के मामले में उनके विचार राष्ट्रपति ट्रंप जैसे ही हैं. वह सेम सेक्स मैरिज का विरोध करती है.
वह 19वीं सदी के सिविल कानून में बदलाव के भी खिलाफ हैं, जो शादीशुदा जोड़ों को अलग-अलग सरनेम रखने की इजाज़त देगा ताकि महिलाओं पर अपना सरनेम छोड़ने का दबाव न पड़े.
सरकारी खर्च बढ़ाने पर जोर
ताकाइची की सबसे बड़ी आर्थिक प्राथमिकता बढ़ती कीमतों और धीमी सैलरी की समस्या को हल करना है. इसका फंड जुगाड़ करने के लिए उन्हें एक बजट बिल पास करना होगा.
ताकाइची सरकारी खर्च बढ़ाने की वकालत करती हैं, इसके बावजूद कि ऐसी आशंकाएं हैं कि ऐसे कदमों से जापान के राष्ट्रीय कर्ज को कम करने में देरी होगी, जो उसकी अर्थव्यवस्था के आकार का लगभग तीन गुना है.
पिछले साल ताकाइची ने खाना, एनर्जी, रक्षा और सप्लाई चेन जैसे 17 रणनीतिक क्षेत्रों में एक "क्राइसेस-मैनेजमेंट निवेश" योजना पेश की थी.