
लगातार बारिश से अमरनाथ में बादल फट गया है. बादल फटने से अचानक सिंध नदी का जलस्तर बढ़ गया है. बादल फटने के बाद SDRF की एक और टीम को घटनास्थल के लिए रवाना कर दिया गया है. हालांकि वहां पर पहले से ही SDRF की 2 टीमें मौजूद है. हालांकि हादसे में किसी के मारे जाने की कोई खबर नहीं है.
कंगन के एसडीपीओ ने बताया कि पवित्र अमरनाथ गुफा में लगातार बारिश और बादल फटने की सूचना के मद्देनजर गंड और कंगन के क्षेत्रों में आम जनता से सिंध नदी से दूर रहने का अनुरोध किया गया है, क्योंकि पानी के प्रवाह में अचानक वृद्धि हो सकती है. SDRF की एक और टीम को गांदेरबल से घटनास्थल के लिए रवाना कर दिया गया है.
अनंतनाग के उपायुक्त डॉक्टर पीयूष सिंगला ने कहा कि पवित्र अमरनाथ गुफा बिल्कुल सुरक्षित है. दोपहर में पवित्र गुफा क्षेत्र के पास ऊंचे वाले इलाकों में बादल फटने से पानी का तेज बहाव आ गया था. फिलहाल जान-माल को लेकर कोई नुकसान नहीं है. हमारी संयुक्त टीमें तैयार हैं.
इस बीच अमरनाथ यात्रा रद्द होने की भी खबरें भी आईं, जिसे वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के सीईओ रमेश कुमार जांगिड़ ने अफवाह बताया. उन्होंने ट्वीट कर बताया कि यात्रा आराम से चल रही है. मौसम को ध्यान में रखते हुए श्राइन बोर्ड सारे अरेंजमेंट्स कर रहा है.
NDRF की टीमें भेजी जा रहीः अमित शाह
अमित शाह ने ट्वीट कर कहा कि बाबा अमरनाथ की पवित्र गुफा के पास बादल फटने के संबंध में मैंने जम्मू-कश्मीर के LG मनोज सिन्हा से बात कर जानकारी ली है. राहत कार्यों व स्थिति के सटीक आकलन के लिए NDRF की टीमें वहां भेजी जा रही हैं.
बाबा अमरनाथ की पवित्र गुफा के पास बादल फटने के संबंध में मैंने जम्मू-कश्मीर के LG श्री मनोज सिन्हा जी से बात कर जानकारी ली है। राहत कार्यों व स्थिति के सटीक आकलन के लिए NDRF की टीमें वहाँ भेजी जा रही हैं।
— Amit Shah (@AmitShah)
अमरनाथ में बादल फटने की घटना पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से घटना पर हालात की जानकारी ली है.
Cloudburst hits near the Amarnath cave in Jammu and Kashmir; No loss of life reported
— ANI (@ANI)
Two SDRF teams are present at the cave; One additional team of SDRF deputed from Ganderbal
(Video source: Disaster Management Authority, J&K)
किश्तवाड़ में बादल फटने से 7 की मौत
इस बीच जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के होंजोर दच्छन इलाके में बादल फटने की वजह से कई लोगों की मौत हो गई है. अब तक 7 शव बरामद किए गए हैं जबकि 17 घायलों को बचा लिया गया. पहले लगातार बारिश की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन रोक देना पड़ा था. लेकिन अब किश्तवाड़ पुलिस की रेस्क्यू टीम बचाव अभियान में जुटी हुई है और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है.
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जम्मू-कश्मीर पुलिस की ओर से जारी बयान में कहा कि आधी रात्रि के दौरान होंजार दच्छन क्षेत्र में बादल फटने की घटना हुई, जिसमें 19 आवासीय घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए जबकि 2 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए. 21 गौशालाओं को भी नुकसान पहुंचा है.

सूचना के तुरंत बाद पुलिस की एक टीम एसएचओ होंजोर की अगुवाई में हरकत में आई, जिन्होंने बचाव अभियान शुरू किया. इसके बाद सेना की एक टुकड़ी और एसडीआरएफ की टीमें भी मौके पर पहुंच गईं. पुलिस ने बताया कि 7 शवों को निकाल लिया गया है और 17 घायलों को बचा लिया गया है. 6 घायलों को जिला अस्पताल किश्तवाड़ में स्थानांतरित कर दिया गया है.
मृतकों के परिजनों को मिलेगा मुआवजा
जम्मू-कश्मीर सरकार ने किश्तवाड़ में बादल फटने की वजह से जान गंवाने वालों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है. जबकि गंभीर रूप से घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे और एसडीआरएफ के तहत 12,700 रुपये भी दिए जाएंगे.
एसडीआरएफ के तहत घरों, बर्तनों, कपड़ों, घरेलू सामान, मवेशी, मवेशी शेड, कृषि भूमि के नुकसान आदि के लिए राहत उपायुक्त, किश्तवाड़ द्वारा भी प्रदान की जाएगी. जम्मू-कश्मीर सरकार का कहना है कि समर्थन और सुरक्षा के लिए स्थानीय लोगों को हरसंभव प्रयास करेगी.
उत्तराखंडः बारिश में बही सहस्त्रधारा रोड
इस बीच देहरादून से सहस्त्रधारा रोड लगातार हो रही तेज बारिश के कारण बह गई. सहस्त्रधारा में 4000 से अधिक लोग और ग्रामीण दूसरी तरफ फंस गए हैं. सहस्त्रधारा उत्तराखंड के प्रसिद्ध पिकनिक स्पॉट के रूप में भी जाना जाता है.
हिमाचल प्रदेश में बाढ़ से 9 की मौत
इसी तरह हिमाचल प्रदेश में अचानक आई बाढ़ से 9 लोगों की मौत हो गई है. राज्य के लाहौल और स्पीति में सात और चंबा में दो लोगों की मौत हुई. जबकि हादसे में 7 लोग मिसिंग बताए जा रहे हैं. मिसिंग लोगों में 4 लोग कुल्लू से हैं, जिसमें दिल्ली का एक पर्यटक और लाहौल-स्पीति में तीन लोग शामिल हैं.
लाहौल स्पीति के टोजिंग नाला में एक और शव बरामद किया गया है. भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) की ओर से अब तक कुल 7 शव निकाले जा चुके हैं. फिलहाल प्रशासन द्वारा अब इलाके में बचाव कार्य बंद कर दिया गया है.