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एक महीने में दो बार बाढ़, फिर भी नहीं टूटा किसानों का हौसला, पानी कम होते शुरू की धान की खेती

ये किसान बाढ़ के कारण दलदल में तब्दील जमीन को ट्रैक्टर चलाकर फिर उसमें खेती करने कोशिश कर रहे हैं. वर्तमान में इन किसानों के पास न पैसे हैं और न धान की बीज. हालांकि, इसके बाद भी वो खेती के संकल्प को पूरा करने में जुटे हैं.

मुजफ्फरपुर में धान की खेती करते किसान मुजफ्फरपुर में धान की खेती करते किसान

बिहार में मुजफ्फरपुर जिले के औराई प्रखंड में विनाशकारी बाढ़ ने जमकर कहर बरपाया था. यहां बाढ़ के कारण पूरा इलाका टापू में तब्दील हो चुका था. सैकड़ों घर बाढ़ के कारण जमीदोज हो गए थे और कई लोगों की जिंदगी बाढ़ के कारण काल के गाल में समा गई. इस दौरान स्थानीय किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान झेलना पड़ा. 

इन किसानों की सारी फसल को बाढ़ के पानी ने तबाह कर दिया. हजारों एकड़ की फसल नष्ट हो गई और किसान बेहाल हो गए थे. इतनी परेशानियों के बाद अब इस क्षेत्र से एक सुखद तस्वीर सामने आई है, जिसे देख आपके भी चेहरे पर मुस्कुराहट आ जाएगी. 

ये वही किसान हैं जिनका इस साल आई विनाशकारी बाढ़ ने सबकुछ तबाह कर दिया था. इन किसानों ने एक महीने के अंदर दो-दो बार भीषण बाढ़ की मार झेली है. कुछ दिन पहले भूखों मरने को मजबूर रहे ये किसान आज एक बार फिर अपने खेतों में बाढ़ के पानी के कम होते ही अनाज उपजाने का दृढ़ संकल्प लेकर दोबारा खेती करने पहुंचे हैं. 

ये किसान बाढ़ के कारण दलदल में तब्दील जमीन को ट्रैक्टर चलाकर फिर उसमें खेती करने कोशिश कर रहे हैं. वर्तमान में इन किसानों के पास न पैसे हैं और न धान की बीज. हालांकि, इसके बाद भी वो खेती के संकल्प को पूरा करने में जुटे हैं.

 

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