पूर्वी लद्दाख की वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चल रहे भारत-चीन के बीच सैन्य गतिरोध को लेकर रविवार को 13वें दौर की बातचीत हुई. साढ़े आठ घंटे तक चली बैठक में पूर्वी लद्दाख में विवाद पर चर्चा की गई. दोनों सेनाओं के शीर्ष सैन्य अधिकारियों के बीच में इससे पहले 12 दौर की बातचीत हो चुकी है, जिसमें अब तक सभी विवाद नहीं थमे हैं.
भारत-चीन के कॉर्प्स कमांडर स्तर की हुई बातचीत पड़ोसी देश में स्थित मोल्डो में हुई. रविवार सुबह शुरू हुई बातचीत शाम सात बजे तक चलती रही. सैन्य सूत्रों के अनुसार, दोनों देशों के बीच बातचीत का उद्देश्य पूर्वी लद्दाख सेक्टर में सैन्य गतिरोध पर चर्चा करना और उसका समाधान करना था.
पूर्वी लद्दाख की एलएसी पर दोनों देशों के बीच पिछले साल अप्रैल महीने से ही तनातनी बनी हुई है. इसके बाद जून महीने में गलवान घाटी में दोनों देशों की सेनाओं में हिंसक झड़प हो गई थी, जिसमें भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे. वहीं, चीन के भी कई सैनिक मारे गए, लेकिन अब तक पड़ोसी देश ने सटीक संख्या की जानकारी नहीं दी.
The 13th round of Corps Commander-level talks between India and China in Moldo lasted for around 8.30 hours and concluded around 7 pm today. The talk aimed at discussing and resolving the military standoff in the Eastern Ladakh sector: Army Sources
— ANI (@ANI)
इसके कुछ महीने बाद चीन ने फिर से घुसपैठ करने की कोशिश की थी, जिसका भारतीय सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया था. इसी दौरान जवानों ने ऊंची चोटी पर पकड़ को मजबूत कर लिया था और चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) को बैकफुट पर आने पर मजबूर होना पड़ा था.
कई इलाकों से हो चुका है डिस-एंगेजमेंट
भारत-चीन की सेना के शीर्ष अधिकारियों के बीच इससे पहले हुई बातचीत में कुछ हल भी निकले थे. दोनों देश कई इलाकों से डिस-एंगेजमेंट कर चुके हैं, लेकिन अब भी कुछ प्वाइंट्स ऐसे हैं, जहां पर दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने की स्थिति में बनी हुई हैं.
पूर्वी लद्दाख में सीमा को लेकर भारत और चीन के बीच पिछले साल से गतिरोध जारी है. हालांकि, इस विवाद को हल करने के लिए अब तक 12 दौर की बातचीत हो चुकी है. लेकिन कोई ठोस हल नहीं मिल पाया है. अब रविवार को एक बार फिर इस विवाद को सुलझाने के लिए दोनों देशों के सैन्य अफसर बातचीत करेंगे. यह बैठक चीन सीमा में मोल्डो में सुबह 10.30 बजे से होगी. हॉट स्प्रिंग्स, देपसांग, डेमचोक आदि इलाकों को लेकर भारत लगातार चीन पर पीछे हटने को लेकर दबाव बनाता रहा है.