गर्मियों से पहले भारत पाकिस्तान के लिए रावी नदी के पानी को पूरी तरह से बंद करने की तैयारी में है. शाहपुर कंडी बैराज के 31 मार्च तक पूरा होने की उम्मीद है. इसके पूरा होने के बाद रावी नदी से पाकिस्तान की ओर बहने वाले अतिरिक्त पानी को रोका जाएगा.
बता दें कि रावी का अतिरिक्त पानी माधोपुर से पाकिस्तान की ओर बिना किसी इस्तेमाल के जाता है. लेकिन शाहपुर कंडी बैराज का निर्माण पानी के व्यर्थ बहाव को रोक देगा.
जम्मू और कश्मीर जल संसाधन मंत्री जावेद अहमद राणा ने बताया कि काठुआ और सांबा जिलों के सूखे इलाकों की सिंचाई के लिए ये कदम उठाया जा रहा है.
'पाकिस्तान को अतिरिक्त पानी नहीं जाएगा'
राणा ने पत्रकारों से कहा, 'पाकिस्तान को अतिरिक्त पानी नहीं जाएगा. इसे रोकना ही होगा.' पाकिस्तान पर इस फैसले का क्या प्रभाव पड़ेगा, इस पर मंत्री ने जवाब दिया, 'पाकिस्तान की चिंता क्यों करते हो? वो एक सीमांत मौजूदगी हैं. उन्हें अपनी पैदा की गई परेशानियों में खुद ही उलझने दो.'
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1960 में विश्व बैंक की मध्यस्थता से हुई सिंधु जल संधि के तहत, भारत को पूर्वी नदियों- सतलुज, ब्यास और रावी के पानी का उपयोग करने की अनुमति दी गई थी, जबकि पाकिस्तान को पश्चिमी नदियों- सिंधु, झेलम और चिनाब के पानी के अधिकार दिए गए थे. लेकिन पाकिस्तान तक पूर्वी नदियों का अतिरिक्त पानी भी पहुंचता रहा है.
पाकिस्तान पर मंडरा सकता है जल संकट!
पाकिस्तान की लगभग 80% खेती सिंधु नदी प्रणाली पर निर्भर है. पहलागम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था. अब शाहपुर कंडी बैराज के पूरा होने के बाद रावी नदी का पानी भी पाकिस्तान नहीं पहुंच पाएगा. ऐसे में पाकिस्तान को गहरे जल संकट का सामना करना पड़ सकता है.