Surya Grahan 2026 Surya Grahan 2026 Sutak Kaal: आज साल का पहला सूर्य ग्रहण लगने वाला है. यह एक वलयाकार या कंकण सूर्य ग्रहण होगा, जो कुंभ राशि और धनिष्ठा नक्षत्र में जगह लेगा. भारतीय समयानुसार, सूर्य ग्रहण आज दोपहर 3 बजकर 26 मिनट से लेकर शाम 7 बजकर 57 मिनट तक रहेगा. शाम 5 बजकर 13 मिनट से लेकर शाम 6 बजकर 11 मिनट के बीच सूर्य ग्रहण अपने पीक पर होगा. इस बीच दुनिया के कई हिस्सों में 'रिंग ऑफ फायर' नजर आ सकता है. सूर्य ग्रहण में चंद्रमा सूर्य के लगभग 96 फीसदी हिस्से को ढक देगा. हालांकि यह सूर्य ग्रहण भारत में अदृश्य रहेगा. इसलिए यहां सूतक काल के नियम नहीं लागू होंगे. यहां जानें इस सूर्य ग्रहण से जुड़ा हर बड़ा अपडेट्स...
वैज्ञानिकों का कहना है कि नग्न या खुली आंखों से सूर्य ग्रहण कभी नहीं देखना चाहिए. इससे आंखों के रेटिना को नुकसान हो सकता है.
पूर्ण सूर्य ग्रहण: जब चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह ढक लेता है.
आंशिक सूर्य ग्रहण: जब चंद्रमा सूर्य का केवल कुछ हिस्सा ही ढकता है.
वलयाकार सूर्य ग्रहण: जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के ठीक बीच में होता है, लेकिन सूर्य की चंद्रमा से ज्यादा दूरी होने के कारण सूर्य किनारों से चमकता हुआ दिखाई पड़ता है. इसे ही वलायाकार या कंकण सूर्य ग्रहण कहा जाता है.
मकर- वैवाहिक जीवन का ख्याल रखें. बेवजह के विवाद में न पड़ें.
कुंभ- चोट-दुर्घटना से सावधान रहें. जल्दबाजी में लिए निर्णय नुकसान देंगे. धन हानि संभव है.
मीन- दुर्घटनाओं और वाद-विवाद से बचें. करियर में किसी प्रकार का कोई जोखिम न लें.
तुला- रोग-बीमारी परेशान कर सकती हैं. करियर में अचानक उतार-चढ़ाव आ सकते हैं.
वृश्चिक- कार्यों में लापरवाही न करें. स्वास्थ्य का बहुत ध्यान रखें.
धनु- स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति में सुधार होगा. नए काम की शुरुआत के लिए समय अच्छा है.
कर्क- स्वास्थ्य का ध्यान रखना होगा. यात्राओं में सावधानी रखें.
सिंह- पारिवारिक समस्याएं परेशान करेंगी. व्यापार में नुकसान हो सकता है.
कन्या- काम में रुकावटें आएंगी. लेकिन आकस्मिक धन लाभ संभव है.
मेष- रुके काम तेजी पूरे होंगे. करियर में सफलता मिलेगी.
वृष- करियर में बड़ा बदलाव आ सकता है. जरूरी काम बनेंगे.
मिथुन- आर्थिक स्थिति गड़बड़ रहेगी. वाहन सावधानी से चलाएं.
ज्योतिषाचार्य संजय शर्मा का कहना है कि यह एक कंकणावृत्ति सूर्य ग्रहण है, जो कि भारत में दिखाई नहीं देगा. और न ही इसका सूतक मान्य होगा. इसका प्रभाव अफ्रीका और कुछ पश्चिची देशों पर ही रहेगा. हालांकि हमारा ब्रह्मांड एक ही है. तो यहां रहने वाले मनुष्यों और जीव-जंतुओं पर इसका प्रभाव दिखाई दे सकता है. लोगों पर राशियों के हिसाब से इसका प्रभाव पड़ सकता है.
ग्रहण की शुरुआत: दोपहर 03:26 बजे
ग्रहण का मध्यकाल: शाम 05:42 बजे
ग्रहण का समापन: शाम 07:57 बजे
खगोलविदों का कहना है कि इस सूर्य ग्रहण के दौरान जब आसमान में रिंग ऑफ फायर बनेगा, तब सूर्य का लगभग 96 फीसदी हिस्सा चंद्रमा के पीछे छिप जाएगा.
आज सूर्य ग्रहण के साथ एक बड़ा ही दुर्लभ संयोग बन रहा है. हिंदू पंचांग के अनुसार, कुंभ राशि में सूर्य-राहु-बुध-शुक्र-चंद्रमा का पंचग्रही योग बना हुआ है. ऐसा संयोग करीब 37 साल पहले 1989 में बना था.
सूतक काल या सूर्य ग्रहण में पूजा-पाठ या भगवान की मूर्ति का स्पर्श नहीं करना चाहिए. धार्मिक अनुष्ठानों से परहेज करना चाहिए. शुभ या मांगलिक कार्य वर्जित हैं. गृह प्रवेश, मंडन, भूमि पूजन, नामकरण, जातकर्म, कर्णवेध आदि कार्यों से बचें. इसके अलावा, भोजन पकाना या खाना, छोंक-तड़का लगाना, सिलाई-कढ़ाई या बाल-नाखून काटने से भी बचना चाहिए. हालांकि ये सभी नियम प्रमुखता से लागू होते हैं, ग्रहण भारत में दृश्यमान हो.
खगोलविदों के अनुसार, चंद्रमा जब सूर्य और पृथ्वी के ठीक बीच में आ जाता है तो सूर्य से चंद्रमा की ज्यादा दूरी होने के कारण सूर्य चंद्रमा के पीछे पूरी तरह नहीं ढक पाता है. इस दौरान सूर्य आग के एक छल्ले की तरह दिखाई पड़ता है. इसे ही रिंग ऑफ फायर कहते हैं.
यह एक वलयाकार या कंकणाकृति सूर्य ग्रहण है, जिसमें सूर्य किसी चमकते छल्ले की तरह दिखाई पड़ता है. वैज्ञानिक इसे 'रिंग ऑफ फायर' कहते हैं.
साल का ये पहला सूर्य ग्रहण दुनिया के हिस्सों में दिखाई देने वाला है. जिम्बाब्वे, जाम्बिया, तंजानिया, मोजाम्बिक, नामीबिया, मॉरीशस, बोत्सवाना, चिली, अर्जेंटीना सहित दक्षिणी अफ्रीका, अंटार्कटिका और दक्षिण अमेरिका में लोग इस ग्रहण को देख सकेंगे.
साल का ये पहला सूर्य ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं है. यानी यह ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा. इसलिए इसका सूतक काल भी भारतवर्ष में मान्य नहीं होगा.
नहीं, 17 फरवरी का सूर्य ग्रहण भारत में नहीं नजर आएगा. यह सूर्य ग्रहण केवल अफ्रीका और कुछ पश्चिमी देशों में ही दिखने वाला है.
भारतीय समयानुसार, सूर्य ग्रहण आज दोपहर 3 बजकर 26 मिनट से लेकर शाम 7 बजकर 57 मिनट तक रहेगा.