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आरोपी ने बिना शर्त माफी मांगी...पवन खेड़ा की जमानत पर बोले हिमंत बिस्वा सरमा

पवन खेड़ा को लेकर सुप्रीम कोर्ट का आदेश शेयर करते हुए हिमंत बिस्वा सरमा ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने लिखा, कानून की महिमा हमेशा बनी रहेगी. आरोपी ने बिना शर्त माफी मांगी है. हम आशा करते हैं कि सार्वजनिक स्थलों की पवित्रता को बनाए रखते हुए आगे से कोई भी राजनीतिक व्यक्ति अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं करेगा.

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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा

कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा की दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तारी और फिर सुप्रीम कोर्ट से जमानत का मुद्दा गुरुवार को दिनभर छाया रहा. अब इस मामले में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि आरोपी ने बिना शर्त माफी मांग ली है. उम्मीद है कि वे आगे से अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं करेंगे. 

दरअसल, पवन खेड़ा ने पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर एक टिप्पणी की थी. उन्होंने पीएम मोदी को नरेंद्र 'गौतम दास' बताया था. खेड़ा के इस बयान के खिलाफ उत्तर प्रदेश और असम में मामला भी दर्ज कराया गया था. असम पुलिस ने इसी मामले में कार्रवाई करते हुए दिल्ली एयरपोर्ट पर रायुपर जाने वाले प्लेन से पवन खेड़ा को उतार लिया था. इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था. 

सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत

इसके बाद कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था. सुप्रीम कोर्ट ने पवन खेड़ा को राहत देते हुए अंतरिम जमानत दे दी थी. इसके बाद द्वारका कोर्ट ने उनको रिहा कर दिया. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें मंगलवार तक गिरफ्तार नहीं किया जा सकेगा. 

खेड़ा के वकील सिंघवी ने SC में किया माफी का जिक्र

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हालांकि, सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस की तरफ से खेड़ा को चेतावनी भी दी गई. चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने खेड़ा के वकील सिंघवी से कहा कि हमने आपको संरक्षण (गिरफ्तारी से) दिया है. लेकिन बातचीत-बयानबाजी का भी कुछ स्तर होना चाहिए. इसपर सिंघवी ने कहा कि हां मैं भी इस तरह के बयान का समर्थन नहीं करता हूं. सिंघवी ने कहा कि दरअसल कन्फ्यूजन था कि असल नाम दामोदर दास है या कुछ और. मैं खुद टीवी पर बैठता हूं मैं मानता हूं कि ऐसा बयान नहीं देना चाहिए था.

क्या बोले हिमंत बिस्वा सरमा ?

अब सुप्रीम कोर्ट का आदेश शेयर करते हुए हिमंत बिस्वा सरमा ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने लिखा, कानून की महिमा हमेशा बनी रहेगी. आरोपी ने बिना शर्त माफी मांगी है. हम आशा करते हैं कि सार्वजनिक स्थलों की पवित्रता को बनाए रखते हुए आगे से कोई भी राजनीतिक व्यक्ति अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं करेगा. असम पुलिस मामले में तार्किक अंत तक काम करेगी. 

क्या है मामला?

पवन खेड़ा ने कुछ दिन पहले गौतम अडानी के मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. इस दौरान उन्होंने कहा था, अगर अटल बिहारी वाजपेयी जेपीसी बना सकते हैं तो नरेंद्र 'गौतम दास' मोदी को क्या दिक्कत है? हालांकि बयान देने के बाद खेड़ा ने अपने आसपास मौजूद लोगों से पूछा कि क्या उन्होंने प्रधानमंत्री का मिडिल नेम सही पुकारा है? खेड़ा ने इस पर कहा कि 'नरेंद्र गौतम दास मोदी को क्या समस्या है?' कांग्रेस नेता ने बाद में पूछा, 'क्या यह गौतम दास या दामोदर दास है?' इस दौरान पवन हंसते हैं और यह कहते हुए तंज करते हैं कि भले ही नाम दामोदर दास है, लेकिन उनके काम गौतम दास के समान हैं. बाद में एक ट्वीट में खेड़ा ने स्पष्ट किया कि वह वास्तव में प्रधानमंत्री के नाम को लेकर भ्रमित थे.

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असम में दर्ज हुआ था मामला

असम पुलिस ने पवन खेड़ा पर कई IPC की कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया था. इसमें 500 (मानहानि), 504 (अपमानित करना), 505 (1) फर्जी खबर फैलाना, 505 (2) समुदायों के बीच दुश्मनी पैदा करना, 120B (आपराधिक साजिश), 153A (माहौल बिगाड़ना), 153B(1) (देश की एकता पर चोट) शामिल है. इसमें दोषी पाए जाने पर खेड़ा को 3 से 5 साल की सजा हो सकती है.

 

 

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