फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भारत दौरे पर हैं और वे यहां पर एआई समिट में शामिल होने के साथ ही नई चीजें भी एक्सप्लोर कर रहे हैं. वे मुंबई मरीन ड्राइव पर जॉगिंग करते और सीएसटी स्टेशन पर तफरी नजर आए. AI समिट में अपना संबोधन खत्म करते हुए मैक्रों ने 'जय हो' का नारा लगाया.

मैक्रों ने बुधवार को भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम, यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) की तारीफ़ की. इस दौरान, उन्होंने कहा कि देश ने कुछ ऐसा बनाया है, जो कोई दूसरा देश नहीं कर पाया. यह 1.4 अरब लोगों के लिए एक डिजिटल पहचान है.
दिल्ली में इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में बोलते हुए, मैक्रों ने बताया कि कैसे टेक्नोलॉजी ने आम भारतीयों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी बदल दी है.
'मुंबई में एक रेहड़ी वाला...'
अपनी स्पीच की शुरुआत एक निजी किस्से से करते हुए उन्होंने कहा, “दस साल पहले, मुंबई में एक रेहड़ी वाला बैंक अकाउंट नहीं खोल सकता था. कोई पता नहीं, कोई कागज़ात नहीं, कोई एक्सेस नहीं. आज, वही वेंडर देश में किसी से भी अपने फ़ोन पर तुरंत और मुफ़्त में पेमेंट लेता है.”
मैक्रों ने PM को कहा शुक्रिया
भारत बुलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शुक्रिया अदा करते हुए, मैक्रों ने कहा कि AI समिट के लिए 'यहां वापस आकर बहुत अच्छा लगा'. उन्होंने इंडिया समिट को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के ग्लोबल भविष्य को आकार देने वाला एक प्लेटफॉर्म बताया.
यह भी पढ़ें: AI समिट में शामिल होने से पहले बंगला साहिब पहुंचे इमैनुएल मैक्रों, टेका माथा
पहले भी कर चुके हैं गुणगान...
यह पहली बार नहीं है जब मैक्रों ने UPI की तारीफ की है. भारत के अपने 2024 के सरकारी दौरे के दौरान, मैक्रों UPI से बहुत इम्प्रेस हुए, जब PM मोदी ने जयपुर की एक लोकल दुकान पर अपने फ़ोन से बिल पे किया. PM मोदी और मैक्रों ने हवा महल के पास एक दुकान के बाहर पारंपरिक कुल्हड़ (मिट्टी के कप) में चाय पी थी.
जैसे ही PM मोदी ने अपने फ़ोन पर ट्रांज़ैक्शन पूरा किया और दुकानदार को तुरंत कन्फर्मेशन मिला, मैक्रों खुश होकर हैरान हुए. इसके बाद, प्रधानमंत्री ने बताया कि UPI कैसे काम करता है. उन्होंने रोज़ाना के ट्रांज़ैक्शन में इसकी स्पीड, आसानी और पहुंच के बारे में बताया था.
UPI यूज़र्स को एक ही मोबाइल ऐप से कई बैंक अकाउंट लिंक करने की सुविधा देता है, जिससे तुरंत फंड ट्रांसफर, मर्चेंट पेमेंट और पीयर-टू-पीयर कलेक्शन रिक्वेस्ट आसानी से हो जाती हैं.
मैक्रों द्वारा UPI की बार-बार तारीफ़ इस बात को दिखाती है कि भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को इनक्लूसिव इनोवेशन के एक मॉडल के तौर पर दुनिया भर में पहचान मिल रही है.