लोकसभा में बुधवार को कार्यवाही का हंगामेदार आगाज हुआ. विपक्षी दलों ने कार्यवाही शुरू होते ही नारेबाजी शुरू कर दी. विपक्षी सदस्य 'FCRA वापस लो...', 'तानाशाही नहीं चलेगी...' जैसे नारे लगाते हुए वेल में आ गए. विपक्ष के हंगामे के बीच स्पीकर ओम बिरला ने प्रश्नकाल की कार्यवाही जारी रखी. स्पीकर ओम बिरला ने विपक्षी सदस्यों से अपनी सीट पर जाने, प्रश्नकाल चलने देने की अपील की. लेकिन स्पीकर की अपील का कोई असर नहीं हुआ.
स्पीकर ओम बिरला ने हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी. इससे पहले, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन में स्पष्ट कहा कि यह बिल किसी धर्म के खिलाफ नहीं है. यह किसी संगठन को टार्गेट करने के लिए नहीं लाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि केरल के एमपी मेरे खयाल से गलतफहमी में हैं और हंगामा कर रहे हैं.
संसदीय कार्य मंत्री किरे रिजिजू ने कहा कि ये एफसीआरए अमेंडमेंट बिल पहले पेश हुआ था, इसीलिए आज सूची में आया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को कल भी बताया, आज भी बताया कि एफसीआरए बिल आज विचार करने के लिए नहीं लिया जा रहा है. रिजिजू ने यह भी कहा कि एफसीआरए को लेकर के गलतफहमी जो फैलाया गया है केरल में, ये ठीक नहीं है. एफसीआरए का जो बड़ा संशोधन 2010 में कांग्रेस ने किया था, उसके बाद कई संशोधन आए हैं.
उन्होंने कहा कि इस बार का जो अमेंडमेंट है, वह विदेश से आने वाले योगदान के रेगुलेशन और सही इस्तेमाल के लिए है. रिजिजू ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा, राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखते हुए पैसे का गलत इस्तेमाल न हो, इसकी निगरानी के लिए ये अच्छा कदम रहा है और यही सरकार कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि केरल में चुनाव को देखते हुए कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टियों ने गलत बात फैलाई है. केरल के लोगों को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है.
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स्पीकर ने जब कार्यवाही स्थगित करने की घोषणा की, तब सदन में प्रश्नकाल चल रहा था और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव रेल मंत्रालय से जुड़े प्रश्नों के जवाब दे रहे थे. लोकसभा में प्रश्नकाल की कार्यवाही एफसीआरए के मुद्दे पर जोरदार हंगामे की भेंट चढ़ गई. स्पीकर ने कहा कि ये प्रश्नकाल है. प्रश्नकाल के अंदर सभी दलों के सदस्यों प्रश्न पूछते हैं और सरकार की जवाबदेही तय होती है.
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स्पीकर ने कहा कि आप जिस एफसीआरए के बिल की बात कर रहे हैं, वह विधेयक जब लिस्टेड सूची में आए, तब आप विरोध कर सकते हैं. स्पीकर की अपील का विपक्षी सदस्यों पर कोई असर नहीं हुआ और हंगामा-नारेबाजी जारी रही. स्पीकर ने सदन की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित करने की घोषणा कर दी.